सुक्खू सरकार में महंगा इलाज और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल, बोले स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दावे नहीं, धरातल पर दिखने चाहिए परिणाम डॉ. रणधीर जसवाल, ऊना।ऊना सदर के विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सतपाल सिंह सत्ती ने कैंसर की दवाओं की कीमतों में कटौती के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए दवाओं की कीमतों में कमी किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। केंद्र सरकार के इस फैसले से मरीजों और उनके परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी।सत्ती ने कहा कि कैंसर का इलाज पहले ही मरीजों और परिवारों को आर्थिक रूप से तोड़ देता है। ऐसे में दवाओं की कीमतें कम करना केंद्र सरकार का जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने और गंभीर बीमारियों के उपचार को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में प्रयास कर रही है। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से भी पात्र परिवारों को उपचार संबंधी सहायता उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है।सुक्खू सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल भाजपा विधायक ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। महंगे इलाज, स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाओं की कमी और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता से जुड़ी समस्याएं मरीजों की परेशानी बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब एक परिवार का सदस्य गंभीर बीमारी से जूझ रहा हो, तब इलाज का खर्च पूरे परिवार के लिए आर्थिक संकट बन जाता है। सरकार की जिम्मेदारी मरीजों की मुश्किलें कम करना है, न कि उन्हें व्यवस्थागत कमियों के बीच संघर्ष करने के लिए छोड़ देना।सत्ती ने कहा कि प्रदेश सरकार को स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। अस्पतालों में चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों के रिक्त पद भरने, आवश्यक दवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। केवल घोषणाओं और दावों से मरीजों को राहत नहीं मिलेगी, बल्कि इसके लिए जमीन पर काम करना होगा।मरीजों को राहत देना सरकारों की प्राथमिकता होनी चाहिए सत्ती ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं राजनीति से ऊपर जनहित का विषय हैं। किसी भी मरीज को आर्थिक तंगी के कारण उपचार से वंचित नहीं रहना चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा कैंसर की दवाओं के दाम घटाने का फैसला मरीजों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति की समीक्षा कर मरीजों को सस्ता, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदनशीलता का असली पैमाना बयान और विज्ञापन नहीं, बल्कि अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं और उनके इलाज पर होने वाला खर्च है।





























