आरटीआई पर पीआईओ व एपीआईओ के लिए बचत भवन में कार्यशाला का आयोजन
ऊना, 04 सितंबर- सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 पर विभिन्न सरकारी कार्यालयों के पीआईओ और एपीआईओ को जागरूक करने के लिए बचत भवन में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने की। उन्होंने सभी जन सूचना अधिकारियों व सहायक जन सूचना अधिकारियों से अपने कार्यालयों में मौजूद सूचना के रिकॉर्ड के बेहतर प्रबंधन पर बल दिया ताकि सूचना देने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। साथ ही कहा कि प्रार्थी को वही सूचना उपलब्ध करवाई जानी चाहिए, जो उनके पास उपलब्ध है तथा मनघडंत सूचना देने से अधिकारियों को बचना चाहिए।
कार्यशाला में डीसी ने कहा कि सुशासन व सरकारी कामकाज में पारदर्शिता के लिए आरटीआई एक्ट एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भष्टाचार रोकने में कारगर सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पीआईओ और एपीआईओ को इस एक्ट के महत्वपूर्ण प्रावधानों की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि आरटीआई एक्ट के तहत जनसूचना अधिकारी को 30 दिन की अवधि के भीतर मांगी गई सूचना देना जरूरी है जबकि सूचना से संतुष्ट न होने पर प्रार्थी अपील अधिकारी के पास अपील कर सकता है। तदोपरान्त सूचना न मिलने पर 90 दिन के भीतर मामले को सूचना आयोग में ले जाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि समय पर सूचना न देने वाले अधिकारी को प्रतिदिन 250 रूपए तथा अधिकतम 25 हजार रूपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सूचना पाने वाले व्यक्ति को आवेदन पत्र के साथ 10 रूपए का पोस्टल ऑर्डर देना होता है जबकि बीपीएल परिवार से संबंधित व्यक्ति को फीस से छूट है। बीपीएल परिवार से संबंधित व्यक्ति को अपना सर्टिफिकेट आवेदन के साथ लगाना होता है।
इस अवसर पर एसडीएम ऊना डॉ. सुरेश चंद जसवाल, सहायक आयुक्त डॉ. रेखा कुमारी, बीडीओ बंगाणा सोनू गोयल, परियोजना अधिकारी डीआरडीए संजीव कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।































