ऊना में सोमवार से 8 दिसंबर तक मनाया जाएगा मातृ वंदना सप्ताह
जसवाल, ऊना (1 दिसंबर)- ऊना जिला में दो दिसंबर से 8 दिसंबर तक मातृ वंदना सप्ताह मनाया जाएगा। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने बताया कि स्वस्थ राष्ट्र-सुरक्षित जननी व विकसित धारिणी को समर्पित इस अभियान में जन जागरूकता के लिए जिला में व्यापक मुहिम छेड़ी जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से मातृ वंदना सप्ताह के दौरान जिला ऊना की ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से जोड़ने पर बल दिया जाएगा ताकि वे इस योजना का लाभ ले सकें।
डीसी ने कहा कि दो दिसंबर को इसकी शुरूआत कल्याण भवन ऊना में एक कार्यक्रम के आयोजन से होगी और जागरूकता के लिए सोशल मीडिया का सहारा भी लिया जाएगा। सप्ताह के दूसरे दिन मातृ वंदना योजना को सही ढंग से लागू करने तथा लोगों को योजना के बारे में जागरूक करने के लिए जिला की सभी पंचायतों में बैठक का आयोजन होगा। इसके साथ ही गांव, पंचायत, ब्लॉक स्तर पर प्रभात फेरी, रैली तथा मैराथन का आयोजन भी किया जाएगा। योजना के बारे में अधिक से अधिक जागरुकता के लिए पेम्पलेट तथा पोस्टर बांटे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि तीसरे दिन ग्रामीण स्तर पर पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस अभियान को उन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर चलाया जाएगा, जहां पर योजना के लाभार्थियों की संख्या सबसे कम है। मुहिम के तहत चौथे दिन सभी ब्लॉक तथा जिला स्तर पर सभी हितधारकों के साथ शिविरों का आयोजन होगा जिसमें लाभार्थियों को योजना के संबंध में आ रही समस्याओं का निदान किया जाएगा।
पांचवें दिन योजना के ऑनलाइन डैशबोर्ड पर ब्लॉक स्तर पर खामियों को दूर करने तथा दूसरे एवं तीसरी किश्त में लंबित आवेदनों को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। छठे दिन आंगनबाड़ी स्तर पर लाभार्थियों को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी दी जाएगी तथा आंगनबाड़ी में स्वास्थ्यवर्धक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। सातवें दिन जिला स्तर पर समारोह का आयोजन किया जाएगा जिसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों, वृतों तथा परियोजना को पुरस्कृत किया जाएगा।
क्या है प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अतंर्गत गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली माताओं को पहले बच्चे के जन्म पर 6 हजार रुपए (केंद्र सरकार की ओर से 5 हजार और प्रदेश सरकार की ओर से एक हजार का योगदान) की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। लाभार्थी को सहायता राशि सीधे उनके बैंक अकांउट में ट्रांसफर की जाती है।
योजना के तहत एक हजार रुपए की पहली किश्त गर्भावस्था के पंजीकरण के समय दी जाती है जबकि दूसरी किस्त में छह माह की गर्भावस्था के बाद प्रसवपूर्व जांच कर लेने पर दो हजार रुपए तथा बच्चे के जन्म पंजीकरण और बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस-बी सहित टीके का चक्र शुरू होने पर तीसरी किश्त दी जाती है।

































