नवनियुक्त उपायुक्त निशांत कुमार यादव हुए मीडिया से रूबरू, कहा जन सेवाओं में देरी नहीं होगी बर्दाश्त, भ्रष्टïचार पर कसा जाएगा शिकंजा
करनाल, आशुतोष गौतम ( 30 दिसंबर ) नवनियुक्त उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने पदभार ग्रहण करते ही सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में मीडिया से रूबरू हुए और विभिन्न प्रशासनिक व सामाजिक मुद्ïदों पर वार्ता की। उन्होंने कहा कि मीडिया को सभी जरूरी सूचनाएं समय पर मिलें, ऐसा प्रयास रहेगा। मीडिया से भी अपेक्षा की जाती है कि वे जायज मुद्ïदों को हाईलाईट करें और तथ्यों के आधार पर उसे निष्कर्ष तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि हर मास की अंतिम तिथियों में नियमित रूप से प्रैस वार्ता रखी जाएंगी, ताकि महीने भर की गतिविधियां और उनके स्टेटस की जानकारी मीडिया को उपलब्ध होती रहे। इस अवसर पर एसीयूटी आयुष सिन्हा भी उपस्थित रहे। मीडिया के साथ पहली मीटिंग में उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने उनके सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने बताया कि नए वर्ष में कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम रहेगा। दूसरी ओर भ्रष्टïाचार किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं होगा और जन सेवाओं में देरी बर्दाश्त नहीं होगी, इसके लिए सम्बंधित विभाग के अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने जिला के सिरसी गांव का जिक्र कर बताया कि डिजीटल मैपिंग के बाद यह प्रदेश का सबसे पहला लाल डोरा मुक्त गांव हो गया है। इससे यहां के लोगों को उनकी मलकीयत का मालिकाना हक मिलेगा। ग्रामीणो को जल्द ही एक यूनिक आई.डी. देंगे, जिससे उनकी जमीन के सारे रिकॉर्ड की जानकारी मिल सकेगी। इसके बाद यहां लोगों के जमीन के झगड़े नहीं होंगे। सरकार की योजना है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश के सभी साढे 6हजार गांवो की डिजीटल मैपिंग करवाई जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि राम नगर क्षेत्र में रेलवे ओवर ब्रिज का कार्य जोर-शोर चल रहा है, यह अढाई करोड़ रूपये का प्रोजेक्ट है। प्रॉपर्टी टैक्स विषय पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि कुछ नागरिकों की ऐसी सम्पत्तियां हैं, जो आधी धार्मिक व आधी में कॉमर्शियल गतिविधियां हैं। अब ऐसे नागरिकों की रि-एसेसमेंट के लिए आवेदन देने को कहा गया है और उसके बाद 50 प्रतिशत के कॉमर्शियल एरिया पर ही प्रापॅर्टी टैक्स लगाया जाएगा। प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर सरकार की ओर से स्पष्टï निर्देश है कि शहर की सरकार अपनी आय से ही खर्चा चलाए, सरकार से ग्रांट नहीं मिलेगी। नगर निगम का वार्षिक खर्च करीब 80 करोड़ रूपये है, जबकि आय 35 करोड़ रूपये है। ऐसे में प्रॉपर्टी टैक्स जैसे सोर्स से ही धनराशि जुटानी पड़ेगी और इसके प्रयास किए जा रहे हैं। चालू मास दिसम्बर में एक दिन में प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में एक करोड़ रूपया निगम के खजाने में जमा हुआ। मीडिया से वार्ता कर उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन चाहे नगर निगम की हो या अन्य किसी विभाग की उस पर अवैध निर्माण की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं होगी। म्यूनिसिपल एक्ट में प्रावधान है कि ऐसे मामलो में निर्माण के बाद भी सील करने जैसी कार्रवाई कर सकते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानो का निरीक्षण भी समय-समय पर किया जाएगा। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने शहर से डेयरी शिफ्टिंग के महत्वपूर्ण मुद्ïदे पर जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में डेयरियों का सर्वे करवाया गया था, जिसमें 180 डेयरियों की पहचान की गई है। शहर से बाहर पिंगली रोड पर डेयरी शिफ्टिंग के लिए प्लाटों का आबंटन किया जाएगा। बड़े प्लाटों को बाईफरकेट कर छोटा किया गया है। अब इनकी संख्या 188 है, जबकि आवेदन 180 प्लाटों के लिए प्राप्त हुए हैं। प्लाटों के लिए आवेदकों को एक सप्ताह का समय देकर 20 हजार रूपये सेक्योरिटी राशि जमा करवाने के लिए कहा गया है। अब तक 54 आवेदकों ने यह राशि जमा करवा दी है। ड्रा के माध्यम से प्लाट आबंटित किए जाएंगे, जो डेयरी संचालक शिफ्टिंग में अपनी रूचि नहीं दिखाएंगे, वह स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने बताया कि शहर में विशेषकर पुराने बस स्टैण्ड के पीछे बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर हैं, उनका निरीक्षण किया गया था और उन्हें उपयुक्त पावर इन्स्ट्रूमेंट और अग्रिशमन यंत्र लगवाने बारे निर्देश दिए गए थे। इसके बाद ही एनओसी मिलेगी। जबकि बेसमेंट में किसी को भी कोचिंग सेंटर चलाने की अनुमति नहीं है।

































