सांसद संजय भाटिया ने पैंशनर की सभी मुख्य मांगो की वकील की तरह पैरवी करने का दिया आश्वासन
करनाल, आशुतोष गौतम ( 8 दिसंबर ) सांसद संजय भाटिया ने आज कहा कि जिस तरह से पैंशनर ने अपने सेवाकाल में अलग-अलग पदों पर कार्य कर प्रदेश और देश के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है, अब सेवानिवृत्ति के बाद भी किसी ना किसी समाज सेवा से जुड़े रहें, ताकि लोगों विशेषकर युवा उनके लम्बे अनुभव से लाभ उठा सकें। सांसद रविवार को शहर के मानव सेवा संघ के सभागार में हरियाणा सिविल पैंशनर वैल्फेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम में एसोसिएशन से जुड़े प्रदेश के सभी जिलो से आए सिविल पैंशनरों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि आज समाज में लोगों का रहन-सहन ऊंचा हो गया है, आर्थिक विकास भी काफी हुआ है, लेकिन सामाजिक विकास का ह्रास हो रहा है। आज युवाओं को अच्छे संस्कारों की जरूरत है। एक सेवानिवृत्त व्यक्ति अथवा पैंशनर इस तरह की सेवा अच्छे से कर सकता है। ऐसा व्यक्ति स्कूल में जाकर बच्चों को नैतिक शिक्षा दे सकता है। टूटते जा रहे भाई-चारे व सामाजिक ताने-बाने को जोड़े रखने के लिए अच्छी कांउसलिंग कर सकता है। अस्पतालों में जाकर मरीज की किसी ना किसी रूप में सेवा कर सकता है तथा समर्थ व्यक्ति निर्धन व जरूरतमंद विद्यार्थी की पढ़ाई में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सेवाओं से समाज का नवनिर्माण हो सकेगा। उन्होंने एसोसिएशन की ओर से प्रस्तुत कुछ मुख्य-मुख्य मांगों की स्वीकारोक्ति केलिए पुरजोर प्रयास करने का विश्वास दिलाते हुए कहा कि वे एक वकील की तरह इन मांगो की पैरवी करेंगे और मुख्यमंत्री को यकीन दिलाएंगे कि सभी मांगे जायज हैं, इन्हें मानकर पैंशनर को उनका हक दिया जाए। उन्होंने अपने भाषण में पैंशनर के लिए कई बार सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग किया। कार्यक्रम में एसोसएिशन के प्रधान एस.एल. दुरेजा ने सांसद का स्वागत करते हुए केवल तीन मुख्य मंागे उनके समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि 65, 70 व 75 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर पैंशनर को क्रमश: 5, 10 व 15 प्रतिशत की बेसिक बढौतरी मिलनी चाहिए। दूसरी मांग बारे उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा कैशलेस इलाज की सुविधा 6 अलग-अलग रोगो के लिए ही प्रधान की गई है। इसका दायरा बढ़ाकर सभी प्रकार के रोगों के लिए किया जाना चाहिए, विशेषकर घुटनो व आंखो के रोगो के लिए, जिसके वृद्ध पैंशनर ज्यादा पीढि़त रहते हैं। तीसरी मांग थी कि दांतो के रोगो व कानो की मशीन के रेट हरियाणा सरकार की ओर से काफी कम निर्धारित किए गए हैं, इन्हें मार्किट रेट के अनुसार बढ़ाया जाए। प्रधान ने सभी मांगो का जिक्र कर मांग पत्र सांसद संजय भाटिया को प्रस्तुत किया। एसोसिएशन के महासचिव ओ.पी. झांब ने भी सांसद का स्वागत किया और कहा कि विभिन्न पैंशनर सरकारी सेवा के बाद किसी ना किसी रूप में समाज की सेवा कर रहे हैं। इनमें वृक्षारोपण, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ कार्यक्रम तथा मैडिकल कैम्प लगाने जैसी गतिविधियां शामिल हैं। एसोसिएशन के एक वरिष्ठ सदस्य एडवोकेट सुरेश खन्ना ने बताया कि 17 दिसंबर का दिन राष्ट्रीय पैंशनर दिवस है, जो पूरे देश में मनाया जाता है। उसी के उपलक्ष्य में आज का कार्यक्रम आयेजित किया गया है। उन्होंने एक डिफेंस कर्मचारी डी.एस. नकारा को याद करते हुए उपस्थित पैंशनरो को बताया कि पैंशन का इतिहास डेढ सौ साल पुराना है। अंग्रेजी हकुमत मानती थी कि पैंशन प्राप्त करना किसी कर्मचारी का हक नही है। इसी बात को लेकर महान व्यक्तित्व डी.एस. नकारा ने न्यायालयों में लड़ाई लड़ी और आजाद भारत के मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की जजमेंट से सेवा निवृत्त कर्मचारियों को पैंशन प्राप्त करने का हक दिलाया।



































