बकायादार प्रॉपर्टी टैक्स पर समस्त ब्याज माफी का लाभ 31 दिसम्बर तक उठा सकते हैं
करनाल, आशुतोष गौतम (9 दिसंबर) नगर निगम आयुक्त निशांत कुमार यादव ने निगम से जुड़े बकाया सम्पत्ति कर दाताओं से अपील की है कि वे चालू मास में प्रॉपर्टी टैक्स पर सरकार की ओर से दी गई ब्याज माफी छूट का लाभ उठाकर अपना टैक्स जमा करवाकर बेफिक्र हो जाएं। यह छूट 31 दिसम्बर 2019 तक है। इसके अलावा सरकार की ओर से चालू बिलों पर 10 प्रतिशत की छूट भी दी गई है, यह भी 31 दिसम्बर 2019 तक है। जो करदाता इस सुनहरी मौके से चूक जाएगा, उसे भविष्य में अपने प्रॉपर्टी टैक्स के साथ समस्त ब्याज को भी अदा करना पड़ेगा, जिससे करदाता की जेब पर बोझ पड़ेगा। आयुक्त ने कहा है कि सरकार ने उदारता दिखाते हुए बीते 5 सितम्बर को ऐसे बकाया कर दाताओं के लिए ब्याज माफी की घोषणा की थी, जिन्होंने पिछले काफी समय से अभी तक भी अपना टैक्स नहीं भरा है और इस तरह से बकायादारों की तरफ प्रॉपर्टी टैक्स के साथ-साथ भारी रकम ब्याज की भी जुड़ गई है। सरकार की इस घोषणा में स्पष्ट किया गया था कि यदि बकायादार टैक्स की सारी राशि एकमुश्त जमा करवा दें, तो उन्हें समस्त ब्याज माफी की छूट मिलेगी। इस घोषणा से काफी बकायादारों ने लाभ उठाया है और उन्हें अच्छा-खासा फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों ने अभी भी इस फायदे को नहीं उठाया, वे किसी तरह की सोच-विचार ना करें तथा बिना किसी देरी के निगम कार्यालय में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवा दें। छूट के लाभ के लिए मात्र 22 दिन बचे हैं, जिसमें कार्य दिवस के दो सप्ताह ही हैं। इसके लिए कार्यालय में खिड़की नम्बर- 6 व 7 और उनमें 2 पी.ओ.एस. मशीने उपलब्ध करवाई गई है। टैक्स करदाता एक हजार रूपये तक की राशि इन विंडो पर जमा करवा सकता है। इससे ज्यादा रकम ए.टी.एम. डेबिट कार्ड के जरिए जमा करवाई जा सकती है, जो बहुत ही आसान है। इसके अतिरिक्त करदाता प्रॉपर्टी टैक्स को निगम परिसर में स्थित पी.एन.बी. शाखा, एक्सिस बैंक, आई.सी.आई.सी.आई. बैंक तथा इंडियन ओवरसीस बैंक की शाखा में भी जमा करवा सकता है। निगमायुक्त ने बताया कि अब तक निगम के खजाने में साढे 5 करोड़ रूपये की राशि प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में जमा हुई है, उम्मीद है कि चालू मास में इसमें इजाफा होगा। कर दाताओं से अपील के बाद निगम को उम्मीद है कि यह पिछले साल जमा राशि से ज्यादा कर पाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस साल के प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बांटे जा चुके हैं। यदि किसी नागरिक का बिल गुम हो गया है, तो वह निगम कार्यालय में आकर खिड़की नम्बर-2 से अपनी यूनिक आई.डी. बताकर बिल निकलवा सकता है। इसी प्रकार यदि किसी के बिल में त्रुटी है तो वह निगम के कमरा नम्बर-11 व 12 में ठीक करवाई जा सकती है। निगमायुक्त निशांत कुमार यादव ने अपनी अपील में यह भी कहा है कि टैक्स भरने में संकोच कैसा, यह तो गर्व की बात है। क्योंकि टैक्स में जमा राशि अप्रत्यक्ष रूप से नागरिकों की सुख-सुविधाओं पर ही खर्च होती है। टैक्स को लेकर विदेशी नागरिक हमसे आगे हैं, वे लोग समय पर व ईमानदारी से अपना टैक्स जमा करवाते हैं। वैसे भी टैक्स अदा करने का मतलब अपने देश के प्रति कर्तव्य निभाने जैसा है। प्रजातंत्र में व्यक्ति के अधिकार जितने सुरक्षित माने जाते हैं, उनके कुछ कर्तव्य भी हैं, उनको भी निभाना चाहिए।

































