नैतिक मूल्यों को पुर्नजीवित करने के लिए गीता ज्ञान वर्तमान समय की सबसे बडी जरूरत: स्वामी ज्ञानानंद
करनाल, आशुतोष गौतम।( 8 दिसंबर ) मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जीवन में गीता ज्ञान के अभाव के कारण ही अनेक प्रकार के दुख और भ्रष्टाचार जैसी समस्याए जन्म लेती है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के जीवन में गीता संदेश का मार्गदर्शन नहीं है वह अपनी लालसाओं को बढ़ाता रहता है और इन बढी हुई लालसाओं की पूर्ति के कारण ही भ्रष्टाचार जन्म लेता है। मुख्यमंत्री रविवार को बलडी बाईपास करनाल में 98 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित श्रीमदभागवत गीता द्वार तथा अटल पार्क के किनारे स्थापित श्रीकृष्ण-अर्जुन प्रतिमा गीता चौक का उदघाटन करने उपरांत उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहे थे।

श्रीमदभागवद गीता द्वार के केन्द्रीय पिलर के दोनों ओर भगवान विष्णु के विराट रूप को दर्शाया गया तथा महाभारत कालीन कौरव सेना और पाण्डव सेना युद्ध को भी दर्शाया गया। यह गेट जहां दिन में महाभारत के संदेशवाहक के रूप में करनाल आने वाले लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहेगा वहीं रात के समय रंगीन लाईटों से इस द्वार की भव्यता और सुन्दरता कई गुणा अधिक बढ़ जाती है। इसी प्रकार गीता चौक और भगवान कृष्ण व वीर अर्जुन की प्रतिमाओं की सुन्दरता भी करनाल आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के आकर्षण और उत्सुकता का केन्द्र रहेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल व गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने इसी स्थल से जिला स्तरीय गीता जंयती महोत्सव की भव्य और आकर्षक नगर शोभा यात्रा भी झंडी दिखाकर रवाना किया मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद व अन्य संतों से चर्चा के उपरांत यह कार्य योजना तैयार की जा रही है कि जिस तरह विदेशों में गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है उसी तर्ज पर भारत के हर राज्य में भी तीन दिवसीय गीता महोत्सव हो सके। उन्होंने कहा कि गत चार वर्षों के दौरान के प्रयासों के फलस्वरूप गीता जंयती महोत्सव अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का उत्सव बन चुका है। जहां कुरूक्षेत्र में विश्व के विभिन्न राष्ट्रों के राजनायिक व प्रतिनिधि इस महोत्सव का हिस्सा बनते हैं, वहीं इस वर्ष फरवरी में मोरिसश और अगस्त में लन्दन में अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन हो चुका है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष में मार्च के महीने में अस्ट्रेलिया और जुलाई में कनाडा में यह महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा नेपाल ने भी इस तरह का आयोजन करने की इच्छा जाहिर की हैं। उन्होंने बलडी चौक पर 98 लाख रूपये की लागत से नगर निगम द्वारा स्थापित किए गए श्रीमदभागवद गीता द्वारा के उदघाटन की मुबारकबाद देते हुए कहा कि अलग-अलग महापुरूषों के नाम पर इस तरह के सात द्वार बनाने की योजना है, जिनमें से एक का कार्य पूरा किया जा चुका है और दो अन्य पर कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि इन द्वारों के निर्माण से करनाल को जहां विशेष पहचान मिलेगी, वहीं करनाल आने वाले लोगों को महापुरूषों के जीवन का संदेश भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि द्वार बनाने की प्रथा प्राचीन काल से रही है और पुराने समय में राजा-महाराजा अपने शहरों की सुरक्षा और पहचान के लिए इस तरह के द्वार बनाते रहे हंै। उन्होंने कहा कि पुराने करनाल शहर में भी अलग-अलग नामों से गेट बने हुए हैं। इस मौके पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन महाभारत युद्ध के दौरान भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से पूरी मानवता के कल्याण और विश्व बन्धुत्व के लिए गीता का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार विशेषतौर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से कुरूक्षेत्र में आयोजित होने वाला अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव विराट दिव्यता का रूप धारण कर चुका है और कुरूक्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरा विश्व गीतामय हो गया है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में प्रतिदिन लाखों की संख्या में देश व विदेश के लोग नई आशा और ऊर्जा की प्रेरणा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि भागवद गीता का संदेश किसी धर्म विशेष के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए है। उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल गीता चैटिंग कार्यक्रम में 18 हजार विद्यार्थियों ने सामुहिक गीता श£ोंकों उच्चारण और योग क्रियाओं के प्रदर्शन से एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि समाज में नैतिक मूल्यों की गिरावट को रोकने के लिए ही हरियाणा सरकार द्वारा गीता महोत्सव जैसा प्रयास आरंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के प्रत्येक जिला में तीन दिन से गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर मेयर रेनू बाला गुप्ता, उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त अनीश यादव, नगर निगम आयुक्त निशांत यादव, स्मार्ट सिटी करनाल प्रोजेक्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव मेहता, पुलिस अधीक्षक एस एस भोरिया, एसडीएम नरेन्द्र पाल मलिक, भाजपा के जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद, पंजाबी साहित्य अकादमी के निदेशक गुरविन्द्र सिंह धमीजा, केश कला बोर्ड के उपाध्यक्ष यशपाल ठाकुर, मार्किट कमेटी के चेयरमैन ईलम सिंह, भाजपा नेता अशोक सुखीजा, शमशेर नैन, योगेन्द्र राणा, रघुमल भट्ट, राज सिंह, जगदेव पाढा, भगवान दास अग्गी, जीयो गीता परिवार से श्याम बत्तरा, निफा से प्रीतपाल पन्नू, नगर पार्षद, पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल व गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने शोभायात्रा को किया रवाना

इसके उपरांत मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने बलडी बाईपास से ही गीता जंयती नगर शोभा यात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस यात्रा के आरंभ में जियो गीता द्वारा शामिल की गई झांकी में श्रीमदभागवत गीता को सुशोभित किया गया था और इसके उपरांत रामलीला सभा द्वारा तैयार की गई झांकी को शामिल किया गया। बलडी गेट से आरंभ होकर यह शोभा यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए डॉ. मंगल सेन आटोडोरियम पर सम्पन्न हुई। इस शोभा यात्रा में सिटीजन ग्रीवेसिंस कमेटी और डीपीएस स्कूल, भारत विकास परिषद व एसबीएस स्कूल, लक्ष्य जनहित सोसाईटी और वीयूएमएम जैन पब्लिक स्कूल, राहगीरी टीम और गुरू हरकृष्ण पब्लिक स्कूल करनाल, निफा असंध और एनएम पब्लिक स्कूल जुण्डला, अग्रवाल सभा व ओपीएस विद्या मंदिर, एमडीडी बाल भवन और प्रकाश पब्लिक स्कूल, केन्द्रीय आर्य सभा और निर्मल पब्लिक स्कूल, मां झंडेवाली सेवा समिति और प्रताप पब्लिक स्कूल, प्रयास फाउँडेसन व दून ग्रुप ऑफ स्कूल, सनातन धर्म मंदिर सभा और आरएसडी आदर्श पब्लिक स्कूल, करनाल जागृति मंच व एसडी मॉडल स्कूल, बंसत विहार वैल्फेयर एसोसिएशन, नवज्योति पब्लिक स्कूल, हरियाणा चैम्बर ऑफ कार्मस एण्ड इन्डस्ट्री तथा द मिलेनियम पब्लिक स्कूल, जयभारत युवा मंडल व एसएस इन्टरनेशनल स्कूल, रघुनाथ मंदिर सभा व श्री कृष्ण प्रणामी स्कूल करनाल, योग कक्ष और बर्मानंद पब्लिक स्कूल निसिंग द्वारा गीता के 18 अध्यायों पर आधारित 18 झांकियां शोभा यात्रा में शामिल की गई थी। भारत विकास परिषद द्वारा इस शोभा यात्रा में अभिमन्यु, सुरज, कर्ण, माधव, कृष्ण तथा राधा कृष्ण की झांकिया शामिल की गई।

































