गाँव,गरीब,किसान मोदी सरकार की योजनाओं के केंद्रबिंदु में,किसानों की आय दुगुनी करने के लिए प्रभावी नीतियों का हो रहा क्रियान्वयन :अनुराग ठाकुर
जसवाल, ऊना (4 जून ) हिमाचल प्रदेश:केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को ग़रीबों व किसानों का हितैषी बताते हुए सरकारी योजनाओं में उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा लाभ पहुँचाने व किसानों की आय दुगुनी करने के लिए प्रभावी नीतियों के क्रियान्वयन की जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा”गाँव ,गरीब और किसान मोदी सरकार द्वारा बनाए जाने वाली योजनाओं के केंद्र बिंदु में होता है और स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी किसानों की आय दोगुनी करने व उनके हितों की रक्षा के किए प्रतिबद्ध हैं। केंद्र सरकार ने किसानों से जुड़े दो नए अध्यादेशों को मंजूरी व एक अध्यादेश में संशोधन की मंजूरी दी है।फार्मिंग प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स ऑर्डिनेंस-2020 को मंजूरी मिलने से किसानों को अपनी फसल अपने हिसाब से बेचने की आजादी मिलेगी।अब किसान जहां चाहेगा और जिसे चाहेगा अपनी फसल बेच सकेगा व ई-ट्रेडिंग के जरिए खरीद-बिक्री हो सकेगी। किसानों को फसल की अच्छी कीमत मिल पाएगी।एक देश, एक बाजार की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। फार्मर्स एग्रीमेंट प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेज ऑर्डिनेंस-2020 को मंजूरी मिल जाने से किसान और व्यापारी अब एग्रीमेंट कर सकेंगे।इसमें न्यूनतम मूल्य पहले ही तय होगा। ऐसे में किसानों को नुकसान होने का कोई ख़तरा नहीं रहेगा। आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन की मंजूरी मिल गई है व अनाज, तेल, तिलहन, दाल, आलू और प्याज को इस एक्ट के दायरे से बाहर किया गया है। इन उत्पादों पर अब स्टॉक लिमिट लागू नहीं होगी।किसान अपनी सुविधानुसार निर्यात या भंडारण कर सकता है।किसानों के हित में उठाए गये ये सारे कदम ऐतिहासिक हैं” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा”किसान देश का अन्नदाता है,किसान को वैश्विक और प्राकृतिक दोनों तरह की आपदाओं का सामना करना पड़ा है। केन्द्र सरकार द्वारा किसान को चिंता से उबारने के लिए 9 करोड़ किसानों के खाते में अप्रैल माह में 18 हजार करोड़ की धनराशि जमा कराई गई है। किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिल सके,इसके लिए 75 हजार करोड़ का न्यूनतम समर्थन मूल्य की राशि किसानों को दी गई है। कर्ज लेने वाला किसान आर्थिक परेशानी महसूस नहीं करे,इसके लिए सरकार की तरफ से कर्ज की किस्त चुकाने के लिए 6 माह की छूट भी दी गई है। साथ ही कम दर पर ऋण के लिए 86 हजार करोड़ रूपए बैंकों को उपलब्ध कराए गए हैं। किसानों के लिए 30,000 करोड़ अतिरिक्त इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल फंड नाबार्ड को दिए जाएंगे। सरकार की तरफ से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन के रखरखाव के लिए कई तरह के उपाय शुरू किए गए थे, उन्हें आगे बढ़ाते हुए सरकार द्वारा कोल्ड स्टोरेज चैन, वेयरहाऊस,फ़ूड प्रोसेसिंग केन्द्र और अन्य भंडारण गृह के लिए एक लाख करोड़ का पैकेज दिया गया है। सरकार की तरफ से किसानों को जैविक और हर्बल खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अन्नदाता को अतिरिक्त कमाई का अवसर उपलब्ध कराने के लिए 500 करोड़ रुपए का अलग से प्रावधान किया गया है 135 करोड़ आबादी का पेट भरने वाला अन्नदाता हमारी योजनाओं के केंद्र बिंदु में है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी सबका साथ,सबका विकास सबका विश्वास के मूलमंत्र से भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित हैं।अन्नदाता का आर्थिक सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है और किसानों की आय दुगुनी हो,उन्हें उनकी फसलों का सही दाम मिले,उनका उत्पादन बढ़े और भारत की कृषि निर्यात शक्ति में बढ़ोत्तरी हो इसके लिए चरणबद्ध तरीक़े से नीतियों का क्रियान्वयन हो रहा है”

































