विधायक सत्ती ने आरोप लगाया कि सरकार राजस्व बढ़ाने के नाम पर जनता पर करों का दबाव बना रही है BHT news, ऊना: विधानसभा क्षेत्र ऊना से विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर टोल और प्रवेश शुल्क में की गई बढ़ोतरी से सीमावर्ती जिलों के लोगों पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में ऐसे कई करों को समाप्त कर स्थानीय लोगों को राहत दी गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसके विपरीत कदम उठाते हुए शुल्क में भारी वृद्धि कर दी है। सतपाल सत्ती ने कहा कि पूरे हिमाचल प्रदेश में कुल 33 टोल नाके संचालित हैं, जिनमें से 11 केवल ऊना जिले में स्थित हैं। उन्होंने तर्क दिया कि ऊना जैसे सीमांत जिले में बड़ी संख्या में लोगों की रिश्तेदारियां पंजाब से जुड़ी हैं, कई लोग रोज़गार के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में आवाजाही करते हैं और अनेक व्यापारी दोनों राज्यों में कारोबार करते हैं। ऐसे में बढ़ा हुआ शुल्क आम परिवारों और छोटे व्यापारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित होगा। विधायक ने यह भी कहा कि कमर्शियल वाहनों जैसे ट्रक, टैक्सी और अन्य मालवाहक गाड़ियों पर शुल्क वृद्धि का असर परिवहन लागत पर पड़ेगा, जिसका सीधा प्रभाव महंगाई पर देखने को मिल सकता है। उनके अनुसार, इससे न केवल स्थानीय व्यापार प्रभावित होगा बल्कि पर्यटन उद्योग पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। विधायक सत्ती ने आरोप लगाया कि सरकार राजस्व बढ़ाने के नाम पर जनता पर करों का दबाव बना रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल इस निर्णय पर पुनर्विचार करे, बढ़ी हुई दरों को वापस ले और प्रवेश शुल्क को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी की तो भाजपा इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगी।
































