मास्क व सैनिटाइजर पर अधिकतम मुनाफा तय
ऊना 18 मार्च:- हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी नियंत्रण आदेश 1977 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला प्रशासन ने मास्क और हैंड सैनिटाइजर के विक्रय पर अधिकतम मुनाफा की दरों को निर्धारित करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस बारे में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक विजय सिंह हमलाल ने बताया कि 2 प्लाई व 3 प्लाई सर्जिकल मास्क और एन 95 मास्क थोक विक्रताओं के लिए अधिकतम मुनाफा 5 प्रतिशत जबकि प्रचून विक्रताओं के लिए 10 प्रतिशत मुनाफा निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि हैंड सैनिटाइजर पर थोक विक्रताओं के लिए 5 प्रतिशत मुनाफा और प्रचून विक्रताओं को हैंड सैनिटाईजर को प्रिंटिड मूल्य पर विक्रय करेगा। उन्होंने बताया कि ऐसा थोक विक्रता जो प्रचून का कार्य भी करता है उसे केवल 1 मुनाफा दर के हिसाब से विक्रय करेगा। उन्होंने बताया कि थोक विक्रेता अपनी सामग्री उसी क्षेत्र के किसी अन्य थोक विक्रेता को हस्तांरित नहीं करेगा। थोक विक्रेता एक बार में एक हजार से अधिक मास्क और 10 लीटर हैंड सैनेटाइजर का लेन-देन नहीं करेगा। हमलाल ने कहा कि प्रचून विक्रेता को एक बार में 25 से अधिक मास्क और 1 लीटर हैंड सैनिटाइजर का लेन-देन नहीं करना होगा। इसके अलावा थोक विक्रता व प्रचून विक्रेता को सामग्री के साथ कैश मैमो अथवा बिल भी ग्राहक को देना आवश्यक है। उन्होने कहा कि आदेश न मानने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

































