सत्ती ने सदन में सवाल उठाया कि आखिर रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सेवा विस्तार क्यों दिया जा रहा
BHT news, शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन बुधवार को ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने सरकार को दागी अधिकारियों के मुद्दे पर घेरते हुए कड़ा हमला बोला। सत्ती ने सदन में सवाल उठाया कि आखिर रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सेवा विस्तार क्यों दिया जा रहा है और उससे भी गंभीर बात यह है कि ऐसे लोगों को बेहद संवेदनशील पदों पर तैनात किया जा रहा है।
सत्ती ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में एक ऐसा अधिकारी, जो रिश्वत लेने के आरोप में काबू किया जा चुका है, उसे सेवा विस्तार देकर दोबारा अहम जिम्मेदारी सौंप दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी पर गरीब लोगों की जमीन हड़पकर रसूखदार लोगों के नाम करने जैसे गंभीर आरोप भी लग रहे हैं। सत्ती ने सरकार से पूछा कि आखिर ऐसे मामलों में उसकी नीति क्या है और जनता को क्या संदेश दिया जा रहा है। विपक्ष के इस हमले पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जवाब देते हुए साफ कहा कि प्रदेश सरकार अब दागी अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बाहर किया जाएगा और भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार का सेवा विस्तार नहीं दिया जाएगा। सदन में यह मुद्दा उठते ही सरकार की कार्यशैली और प्रशासनिक फैसलों पर सवाल खड़े हो गए। विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार और संरक्षण की मानसिकता से जोड़ते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया। वहीं मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह साफ संकेत गया है कि सरकार अब दागी अफसरों के मामले में बचाव की मुद्रा छोड़कर कार्रवाई के दबाव में आ गई है। इस मुद्दे ने विधानसभा के भीतर सियासी तापमान बढ़ा दिया है और आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि मामला केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं बल्कि सरकार की नीयत और प्रशासनिक पारदर्शिता से भी जुड़ गया है।
































