सभी पुरानी लाईटें बदली जाएंगी, लाईटों को लेकर अब नहीं रहेगी नागरिको की शिकायत
करनाल, आशुतोष गौतम (23 नवंबर) ओल्ड सिटी या यूं कहिए 7 गेटों के अंदर बसा पुराना शहर अब नई एल.ई.डी. लाईटों से जगमगाएगा। वर्षों पुरानी और कुछ दम तोड़ चुकी हैलोजन, सोडियम व ट्यूब लाईटें बदली जाएंगी। नगर निगम आयुक्त निशांत कुमार यादव के शनिवार को इस क्षेत्र के दौरे के साथ एल.ई.डी. लगाने का काम भी शुरू हो गया है। निगम की इस कार्यवाही से पुराने शहर की गलियों में बसे लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। एल.ई.डी. लाईटों को लेकर निगम की ओर से अनुमानित 27 लाख रूपये का ठेका एक निजी कम्पनी को सौंपा गया है, जो 5 साल तक वारंटी पीरियड़ पर रहकर मेन्टेनेन्स को देखेगी। दौरे में आयुक्त के साथ वार्ड-15 से पार्षद युद्धवीर सैनी, निगम के उपमण्डल अभियंता इलैक्ट्रिकल मनीष अग्रवाल और जे.ई. मुनीष लालर भी मौजूद रहे। गौर हो कि पुराने शहर में कभी सुरक्षा की दृष्टि से 7 गेट हुआ करते थे, जो वक्त गुजरते-गुजरते अपने वजूद में नहीं रहे। इसके बाद नागरिकों की मांग पर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दोबारा नए गेट बनवाने की घोषणा की और वर्तमान में अपनी पुरानी जगहों पर सुभाष गेट, अर्जुन गेट, कलंदरी गेट, दयालपुरा गेट, जुण्डला गेट, जाटों गेट व बांसो गेट दोबारा नए स्वरूप में स्थापित हो गए हैं। गेटों के निर्माण से यहां के लोग खुश हैं और मुख्यमंत्री के आभारी हैं। नई एल.ई.डी. लाईटें लगाने को लेकर निगम आयुक्त ने बताया कि इनसे करीब 50 प्रतिशत बिजली बचेगी, निगम के खजाने पर बोझ नहीं पड़ेगा और आबादी को पर्याप्त रोशनी मिलेगी। छोटी गलियों में 45 वाट की तथा मेन चौक-चौराहों पर 72 वाट की लाईटें लगेंगी। अनुमानित 560 लाईटें लगाई जाएंगी और यह कार्य करीब दो सप्ताह में पूरा हो जाने की उम्मीद हैं। गलियों में जहां खम्बे नहीं है, वहां विद्युत महकमे के जरिए नए खम्बे भी लगाए जाएंगे और जहां खम्बे खड़े करने का प्रावधान नहीं होगा, वहां उपयुक्त जगह तलाश कर एंगल पर एल.ई.डी. लगेंगी। आयुक्त ने बताया कि मेन्टेनेन्स को लेकर ठेकेदार अपने उत्तरदायित्व पर बना रहे, इसके लिए 25 प्रतिशत सिक्योरिटी जमा करवाई जाएगी, जो पहले 10 प्रतिशत तक होती थी। जहां-जहां हाई मास्ट सोडियम लाईटें लगी हैं और ठीक से काम नहीं कर रही, उन्हें भी चेंज कर एल.ई.डी. में लेंगे।
एल.ई.डी. लाईटें स्वत: ही जग उठेंगी – तकनीकी तौर पर एक पैडस्टल पर 50 लाईटों को रखा गया है, जिसमें ऑटोमेटिक टाईमर स्विच होंगे, अर्थात सांय साढे 5 बजे से प्रात: 6 बजे तक एल.ई.डी. सभी लाईटें स्वत: ही जग उठेंगी और सुबह होते ही बंद हो जाया करेंगी। निगम आयुक्त का कहना है कि पुराने शहर में लाइटों की समस्या काफी समय से शिकायतों के रूप में आ रही थी, जो अब खत्म हो जाएगी। नगर निगम नागरिकों को हर सम्भव सुविधा देने के लिए वचनबद्ध रहेगा। उन्होंने इस क्षेत्र के नागरिकों से भी अपील की है कि बिजली कर्मचारी उपयुक्त तलाश कर पोल गाडने आएं, तो उन्हें सहयोग करें, अन्यथा रात के समय वह रोशनी से वंचित रह जाएंगे। जुण्डला गेट में अपने दौरे के बाद आयुक्त ने जाटो गेट क्षेत्र को भी विजीट किया। इस गेट का निर्माण मुकम्मल होने को हैं। आयुक्त ने मौके पर जाकर गेट के डिजाईन और निर्माण की क्वालिटी को देखा तथा साथ गए निगम इंजीनियर सुक्खा सिंह को निर्देश दिए कि वे जल्द से जल्द इसे पूरा करें।

































