वर्ष 2018 में मुदई के बेटे जितेन्द्र को यूएसए भेजने के नाम पर 40 लाख रूपये में आरोपी मेहर सिंह, असंध और गुरजंट से डील हुई थी
करनाल, आशुतोष गौतम (8 नवंबर) पुलिस ने यूएसए भेजने पर लोगों से रूपये ऐंठने वाला गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। बता दें कि बलवान सिंह वासी कुराना जिला पानीपत से प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना असंध में मुकदमा व 24 इमिग्रेशन एक्ट के तहत दर्ज किया गया। जो उसने अपनी शिकायत में बताया कि । जो मुदई द्वारा यह रकम कुछ किश्तों में आरोपितों को देनी थी, जिसमें से कुछ किश्तें पहुंचनें से पहले और कुछ किश्तें पहुंचने के बाद देनी थी। मुदई ने आरोपी को दो किश्तें दी, जिसमें से एक किश्त में 11 लाख रुपये आरोपीयों को दिए व दूसरी किश्त में साढ़े 5 लाख रुपये आरोपितों को दिए। उसने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपितों ने वर्ष 2018 में ही उसके बेटे जितेन्द्र को दिल्ली से यूएसए की बजाय कतर भेज दिया था, फिर कुछ समय रहने के बाद वह वहां से वापिस दिल्ली आ गया और इसके बाद उसे इक्वाडोर, कोलंबिया, पैनामा, कोस्टारिका, निकारएगुआ, हैंडयुरास, गोवटीमाला, मैक्सिको और वहां से दीवार फांदने के बाद इसे यूएसए में एंटरी की गई। जहां पर यूएसए मिल्टी ने जितेन्द्र को काबू कर लिया गया व करीब साढ़े 8 माह तक उसे जेल में रखा गया और पांच जून को वापिस दिल्ली भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह भौरिया द्वारा इस मामले की जांच करनाल पुलिस की क्राइम यूनिट सीआईए-1 इन्चार्ज निरीक्षक दीपेन्द्र राणा को सौंपी गई, जिन्होंने उप निरीक्षक जयनारायण के नेतृत्व में टीम गठित कर मामले की जांच शुरू की। जयनारायण द्वारा मामले की जांच कर मामले की तह तक पहुचंनें के बाद तीन नवंबर को दोनों आरोपित मेहर सिंह वासी पोपड़ा हाल सफ ीदों रोड असंध को कस्बा असंध क्षेत्र से और गुरजंट वासी डेरा जोगा डाचर रोड जलमाना थाना असंध जिला करनाल को जलमाना क्षेत्र से काबू किया। जिन्हें अदालत के सामने पेशकर चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया, जो दौराने रिमांड आरोपियों से पूछताछ कर उनके अन्य साथियों और मामलों के संबंध में पता लगाया जा रहा है। आरोपियों से प्राप्त जानकारी में सामने आया कि विदेश जाने के इस पूरे प्रकरण को डांकी कहते हैं और जो इस प्रकरण को चलाता है, उसे डोंकर कहते हैं। आज पत्रकारों के माध्यम से जनता से अपील करते हुए जिला पुलिस कप्तान ने कहा कि मेरी सभी अभिभावकों से अपील है कि वे इन मामलों के संबंध में जागरूक बने और अपने बच्चों को कानूनी ढ़ग से ही दूसरे देशों में भेजें। उन्होंने बताया कि डांकी विजा पर आपके बच्चे यहां से विदेश जाते हैं और वहां पर डोंकर, एजेंट उन बच्चों को रिसिव करता है। फिर वह उन बच्चों को अलग-अलग देशों से पैदल निकालते हुए मैक्सिकों बार्ड तक लेकर जाता हैए जिसके दौरान बच्चों को बर्फ, नदी व जंगल आदि से निकलना पड़ता है। यह सफर इतना दर्द देने वाला होता है कि वहां से जाने वालों की रूह कांप उठती है और बीच रास्ते में कई बार कितनों की मृत्यु भी हो जाती है और उनका शव भी वहीं पर खुर्दबुर्द कर दिया जाता है, इसलिए बिल्कुल भी किसी फर्जी एजेंट व आफिसों का सहारा न लें और यदि कोई आपको किसी प्रकार के लुभावने सपने दिखाकर फुसलाने की कोशिश करे तो उसके संबंध में तुरंत पुलिस को सूचना दे। यदि आप अपने बच्चों को बाहर भेजना चाहते हैं तो रजिस्टर एजेंट के माध्यम से ओर कानूनी ढ़ग से ही अपने बच्चों को विदेश भेजें। यदि आपके पास किसी फर्जी एजेंट के संबंध में कोई सूचना है तो उसे तुरंत पुलिस के साथ सांझा करें और अपने व दूसरो के बच्चों की जान से खिलवाड़ होने से बचाएं।































