विधानसभा में गूंजी आशा कार्यकर्ताओं और मल्टी टास्क वर्कर्स की आवाज, विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने मांगी राहत
BHT news, शिमला: ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने वीरवार को विधानसभा सत्र के दौरान आशा कार्यकर्ताओं और लोक निर्माण विभाग के मल्टी टास्क वर्कर्स की समस्याओं को प्रमुखता से सदन में उठाया। उन्होंने सरकार से दोनों वर्गों को राहत देने और उनके हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। सत्ती ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं के प्रसव करवाने पर मिलने वाला वित्तीय लाभ समय पर नहीं मिल पाता। कई मामलों में यह राशि लंबे समय तक लंबित रहती है और कई बार भुगतान किया ही नहीं जाता। उन्होंने कहा कि यदि कोई गर्भवती महिला निजी अस्पताल में प्रसव करवाती है तो उस स्थिति में भी आशा कार्यकर्ता को संबंधित प्रोत्साहन राशि से वंचित कर दिया जाता है, जबकि गर्भावस्था के दौरान आशा कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभाती है। उन्होंने सदन में कहा कि सरकारी अस्पताल या निजी अस्पताल में प्रसव करवाने का निर्णय महिला और उसके परिवार का निजी फैसला होता है। ऐसे में आशा कार्यकर्ता को उसके कार्य के अधिकार से वंचित करना न्यायोचित नहीं है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने सदन को आश्वस्त किया कि इस विषय में नीति निर्धारण करते हुए आशा कार्यकर्ताओं को उनके सभी वित्तीय लाभ उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके अलावा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने लोक निर्माण विभाग में कार्यरत मल्टी टास्क वर्कर्स का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों को मात्र 5500 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है, जो वर्तमान परिस्थितियों में बेहद कम है। इतने कम मानदेय में परिवार का पालन-पोषण करना उनके लिए कठिन हो गया है। विधायक सतपाल सत्ती ने प्रदेश सरकार से मांग की कि मल्टी टास्क वर्कर्स के लिए एक स्थायी नीति बनाई जाए, ताकि उन्हें उनके कार्य के अनुरूप सम्मानजनक वेतन और भविष्य की सुरक्षा मिल सके। इस पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विधायक को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार इस मामले में जल्द उचित कार्रवाई करेगी।

































