जिला बैडमिंटन प्रतियोगिता में वशिष्ट पब्लिक स्कूल का दबदबा, स्वर्ण-रजत पदकों की झड़ी; तीन खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित
बीएचटी न्यूज,ऊना। जिला ऊना बैडमिंटन एसोसिएशन के तत्वावधान में 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में वशिष्ट पब्लिक स्कूल, ऊना के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्णिम सफलता का परचम लहराया। विद्यालय के खिलाड़ियों ने विभिन्न आयु वर्गों में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम का उत्कृष्ट परिचय दिया तथा विद्यालय का नाम पूरे जिले में गौरवान्वित किया।अंडर-11 बॉयज वर्ग में प्रतिभाशाली खिलाड़ी विराज कंवर ने डबल्स स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर विजेता बनने का गौरव हासिल किया, जबकि सिंगल्स स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम कर दोहरी सफलता दर्ज की।अंडर-15 बॉयज वर्ग में विभास ने दमदार प्रदर्शन करते हुए डबल्स प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक जीता तथा सिंगल्स में रजत पदक हासिल कर अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।वहीं अंडर-19 बॉयज वर्ग में रुद्रा सहोड़ ने सिंगल्स और डबल्स दोनों स्पर्धाओं में रजत पदक जीतकर विद्यालय की झोली में दो और पदक जोड़ दिए।इन शानदार उपलब्धियों के साथ विराज कंवर, विभास और रुद्रा सहोड़ का आगामी राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता के लिए चयन भी हुआ है। यह उपलब्धि न केवल खिलाड़ियों की अथक मेहनत और समर्पण का प्रमाण है, बल्कि विद्यालय में खेल प्रतिभाओं को निरंतर मिल रहे उत्कृष्ट प्रशिक्षण और प्रोत्साहन को भी दर्शाती है।इस गौरवपूर्ण सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक अनुज वशिष्ट ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि वशिष्ट पब्लिक स्कूल शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्टता की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, समर्पण और नियमित अभ्यास ही सफलता की असली कुंजी हैं तथा उन्हें पूर्ण विश्वास है कि विद्यालय के खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर विद्यालय, जिला ऊना और हिमाचल प्रदेश का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपक कौशल ने विजेता खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों एवं प्रशिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक क्षमता को मजबूत बनाते हैं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन का भी विकास करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी इसी जुनून और आत्मविश्वास के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया।































