लघु उद्योग भारती ने जड़ा लघु उद्योगों को बर्बाद करने का आरोप,पांच बजे के बाद ईटीपी चलाने का क्या है तात्पर्य
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिन कारण काट रहा बिजली-कंसल
कांगडा, 10 अक्टूबर
एक तरफ तो पूरे विश्व का उद्योग जगत महामंदी के कष्टकारी दौर से गुजर रहा है तो दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश सरकार के अधिकारी व कर्मचारी ही यहां के कारखानों को उजाडऩे में लगे हैं। बददी बरोटीवाला नालागढ़ में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक तरफ से मानो उद्योगों को तबाह करने व उजाडऩे का बड़ा ही उठा रखा हो। लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष राजीव कंसल ने इन आरोपों की पुष्टि करते हुए कहा कि एक और सीएम जयराम ठाकुर धर्मशाला में इन्वेस्टर मीट करके नए निवेशकों को बुला रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ उनके अधीन आने वाले प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी अपनी मनमर्जी करके कारखानों को उजाडऩे में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। लघु उद्योग भारती का कहना है कि अब हो यह रहा है कि पहले लोकल ऑफिस से सैंपल फेल होने या नियम पूरे ना होने पर शिमला रिपोर्ट जाती थी और उसके बाद वहां से लाइट काटने के आदेश आते थे। पर अब उल्टा हो रहा है शिमला से सीधा बिजली काटने के आदेश आ रहे हैं हालांकि सब उद्यमी गलत नहीं होते लेकिन जिनका कोई कसूर नहीं होता वह भी बोर्ड की मनमर्जी का शिकार हो रहे हैं और हिमाचल से पलायन करने को मजबूर हैं। प्रदेश अध्यक्ष राजीव कंसल व वरिष्ठ उपाध्यक्ष नेत्रप्रकाश कौशिका ने कहा कि पांचव बजे बंद हो जाने वाली फैक्ट्रियों में जानबूझकर दबाव बनाने के लिए छापे मारे जाते हैं कि आपका ईटीपी प्लांट बंद क्यों है । उन्होने सवाल उठाया कि बजे के बाद शाम को उद्योग बंद हो जाता है और वहां सिर्फ चौकीदार होता है तो ईटीपी क्या सिर्फ दिखावे के लिए ही चलाते रहें ताकि बिना वजह बिजली का बिल आता रहे। उन्होने कहा कि यहां तक आजकल मंदी के दौर में उद्योगों में 8 घंटे काम नहीं हो रहा तो कभी 4 बजे कभी 5 उद्योग बंद हो जाते हैं । शाम छह बजे कोई अधिकारी आरोप लगा देता है कि मैं शाम को आपके आदेश थमाए जाते हैं। इसी प्रकार द्वारा बिजली बहाल करवाने में 1 से 2 सप्ताह लग जाते हैं जिससे उत्पादन नुकसान तो होता ही होता ही है साथ में लेबर को बैठे-बिठाए तनखा भी देनी पड़ती है ।
क्या है हल -इसमें लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष राजीव कंसल व वरिष्ठ उपप्रधान नेत्र प्रकाश कौशिक ने कहा कि अधिकारी जब मर्जी किसी भी उद्योग का निरीक्षण करें हमें कोई नहीं आपत्ति नहीं। अगर कोई छोटी-मोटी कमियां तो उसको सुधारने का एक मौका दिया जाए और फिर 1 सप्ताह के बाद उसके द्वारा जांच हो । लघु उद्योगों में देखने में आए हैं कि यहां पर एक उद्योग को प्रदूषण के नियमों को हवाला देकर दो लाख रुपये से अधिक जुर्माना ठोक दिया जाता है जो कि गलत है। इस हालात में लोगों के पास अपना उद्योग बंद करने के सिवाय कोई और रास्ता नहीं रहता । सरकार को लघु उद्योगों के लिए अलग से नियम बनाने चाहिए उन्होंने कहा कि अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दादागिरी सहन नहीं करेगी और इस प्रकरण की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी की जाएगी ।
सदस्य सचिव आदित्य नेगी ने कहा कहा कि अगर किसी उद्यमी को शिकायत है तो सीधे मुझे पत्र लिखे
वहीं दूसरी ओर बोर्ड के सदस्य सचिव आदित्य नेगी ने कहा कहा कि अगर किसी उद्यमी को शिकायत है तो सीधे मुझे पत्र लिखे या कभी भी आकर मेरे कार्यालय में मिल सकता है। उन्होने कहा कि बाल्द व मलपुर खडड में गत दिनों झाग था और उस दिन शिकायतें भी आई थी। उन्होने कहा कि अगर उद्योग के विरुद्व कोई शिकायत आती है तो उस पर कार्यवाही तो करनी ही पडती है। उन्होने कहा कि लोग हमारे साथ साथ एनजीटी को भी प्रति भेजते हैं। उन्होने उद्यमियों को सलाह दी कि वह अपने ईटीपी का आडिट करवाएं कि इसने कितने घंटे काम किया और कितने घंटे बंद रखा और उसका डाटा बोर्ड को भी दें तो फिर समस्या आएगी।






























