महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता
करनाल, आशुतोष गौतम ( 4 अक्तूबर) बुद्धा कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पुर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जयंती के उपलक्ष्य में चल रही जीवन दर्शन कला प्रदर्शनी के समापन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीएवी पीजी कॉलेज करनाल के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.विजय कुमार को आमंत्रित किया गया। जिनका कार्यक्रम में पहुंचने पर बुद्धा कॉलेज के निदेशक नितेश गुप्ता, प्राचार्य राजा सी.पी. सिंह व अन्य ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। मुख्य अतिथि डॉ.विजय कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी अहिंसा के अग्रदूत थे। जिन्होंने अहिंसा के बल पर ब्रिटिश सरकार को भारत छोडऩे पर मजबुर कर दिया। उन्होने लाल बहादुर शास्त्री को सादगी, सच्चाई और ईमानदारी का मसिहा बताया और कहा कि शास्त्री जी को ये देश युगों-युगों तक एक ईमानदार और सादगी पुर्ण व्यक्तित्व वाले इंसान के रूप में सदैव याद रखेगा। डॉ.विजय कुमार ने दोनों ही नेताओं के जीवन पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उनके जीवन के महत्वपूर्ण मुल्यों के बारे में बताया और कहा कि आज युवाओं को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता है ताकि वह उनकी प्रेरणा से जीवन में आगे बढ़ सके। कार्यक्रम में आर्टिस्ट विपुल चन्द्र दास, प्रो.मृदला, डॉ.अनुज आर्य ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत कॉलेज के निदेशक नितेश गुप्ता, प्राचार्य राजा सी.पी.सिहं ने मुख्यअतिथि डॉ.विजय कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर कला विभागाध्यक्ष प्रो.विनय अवतारे, प्रो.मलकित, प्रो.नितिन भालेराव, प्रो.गोपाल, प्रो.ईरीना सहित विद्यार्थी मौजूद रहे।






























