मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के अंतर्गत दी जाती है राशि
करनाल, आशुतोष गौतम ( 18 दिसंबर ) अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग हरियाणा की ओर से शुरू की गई मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना तथा अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) 1989 के अंर्तगत आर्थिक सहायता व अनुदान राशि प्रदान की जाती है। यह जानकारी जिला कल्याण अधिकारी सुमित्रा मेहता ने दी। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग की ओर से सभी वर्गों/समाज के व्यक्तियों की लड़कियों की शादी में मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के अंतर्गत अनुदान राशि प्रदान की जाती है। यह राशि अनुसूचित जाति के व्यक्तियों/विमुक्त जाति जिनका नाम बीपीएल सूची में दर्ज है को 51 हजार रूपये की राशि प्रदान की जाती है तथा अनुसूचित जाति को छोड़कर सभी वर्गों (बीपीएल परिवार और सामान्य) को 11 हजार रूपये व सभी वर्ग ( एससी, बीसी सहित)जिनके पास अढ़ाई एकड़ से कम भूमि हो एवं एक लाख रूपये वार्षिक आय से अधिक ना हो को 11 हजार रूपये राशि दी जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि विधवा किसी भी जाति की हो, उनकी बेटी की शादी के मौके पर भी सरकार की ओर से 51 हजार रूपये की राशि शगुन के रूप में दी जाती है, बशर्ते उनके पास अढ़ाई एकड़ से अधिक कृषि भूमि ना हो एवं एक लाख रूपये से अधिक वार्षिक आय ना हो । उन्होंने बताया कि एससी/एसटी एक्ट-3 के अधीन गैर अनुसूचित जातियों के लोगों के अत्याचारों से पीडि़त अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। विभिन्न प्रकार के अत्याचार होने पर अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को एक लाख रूपये से सवा आठ लाख रूपये तक की राशि प्रदान की जाती है।
































