प्रदेश व केंद्रीय आईपीएस एसोसिएशन ने आरोपियों पर मांगी कार्यवाही
बददी, 6 नवंबर ( शांति गौतम)
दिल्ली की तीस हजार कोर्ट में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों पर हुए हमले की हिमाचल की आईपीएस एसोसिएशन ने कडी निंदा की है। एसोसिएशन के प्रदेश सचिव राहुल नाथ व सदस्य रोहित मालपानी ने कहा कि ने कहा कि तीस हजारी कोर्ट व बाद में साकेत कोर्ट दिल्ली में पुलिस के विरुद्व जो हिंसा हुई वो चिंताजनक है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है लेकिन दिल्ली में लगातार पुलिस के विरुद्व हिंसा हो रही है और मारपीट हो रही है। आईपीएस अधिकारी एसोसिएशन ने इसके अलावा आम नागरिकों के साथ होने वाली हिंसा की भी निंदा की है। उन्होने आशा प्रकट की कि सभी पीडीतों को इसमें न्याय अवश्य मिलेगा क्योंकि संविधान में सबका दर्जा बराबर है और कानून सबको सुरक्षा देता है। उन्होने कहा कि वीडीयो क्लिप व सोशल मीडीया में जो भी दोषी पाया जाता है उस पर कार्यवाही होनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय आईपीएस एसोसिएशन ने आज बैठक में कुछ प्रस्ताव पारित किए जिसमें कहा गया हम हिंसा का शिकार हुए पुलिस कर्मियों के साथ है जो कि विभिन्न कोर्ट में डयूटी पर थे। इस कृत्य में जो भी वकील पहचाने जाते हैं उन पर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए जिसमें उनके लायसेंस तक निलंबित हो। केंद्रीय एसोसिएशन ने कहा कि न्यायालय को सभी पक्षों को बराबर व्यवहार करना चाहिए। पुलिस को भी मानवाधिकार के समस्त अधिकार प्राप्त है जो कि भारत के अन्य नागरिकों को प्राप्त है। केंद्रीय एसोसिएशन ने भारत के समस्त आम समाज का भी धन्यवाद किया है जिन्होने वर्दी में तैनात हमारे अधिकारियों व कर्मचारियों की रक्षा की और उनका साथ दिया।






























