केंद्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में गंदगी की शिकायत पर स्वच्छ भारत मिशन के वाईस चेयरमैन सुभाष चंद्र ने लिया संज्ञान, संस्थान का दौरा कर केंद्र निदेशक से कचरा हटाने को कहा
करनाल, आशुतोष गौतम ( 6 दिसंबर ) स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के वाईस चेयरमैन सुभाष चंद्र ने कहा की स्वच्छ भारत मिशन को आम जन से जोडऩे के लिए सबसे पहले सरकारी संस्थानों को खुद अपने स्तर पर पहल करनी होगी तभी हम दूसरों को सफाई का सन्देश दे पाएंगे। शुक्रवार को राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में स्वामी विवेकानंद पार्क के पीछे लम्बे समय से गंदगी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने कहा की अगर सरकारी संस्थान में ही गंदगी पसरी होगी तो हम किस प्रकार आम जन से स्वच्छता की अपेक्षा कर पाएंगे। सुभाष चंद्र ने कहा की उन्हें स्थानीय निवासियों की ओर से शिकायत मिली थी की केंद्रीय डेयरी संस्थान में स्वामी विवेकानंद पार्क के पीछे लम्बे समय से गंदगी के ढेर लगे हुए हैं , धुंए और बदबू से सैर करने वाले और आस पास के निवासियों को समस्या का सामना करना पड़ता है। इस पार्क में सुबह बड़ी संख्या में लोग सैर करने आते हैं लेकिन बदबू के कारण अब धीरे धीरे इनकी संख्या कम हो रही है जो चिंता का विषय है। स्थानीय निवासियों ने बताया की इसका कारण डेयरी संस्थान में पड़ी गंदगी है जिसमे कुछ लोग आग भी लगा देते हैं। ये व्यवस्था बिलकुल असहनीय है। हर संस्थान को अपने कचरे का निस्तारण सही तरीके से और खुद करना होगा अन्यथा नियमानुसार उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। सुभाष चंद्र ने इस समस्या को लेकर डेयरी संस्थान के निदेशक डॉ आरआरबी सिंह से भी मुलाकात की और उन्हें गंदगी के कारण होने वाली परेशानी से अवगत कराया। इस पर संस्थान के निदेशक ने उन्हें भरोसा दिलाया की वे जल्द ही इस कचरे का निपटान कर इस स्थान को गंदगी मुक्त कर देंगे। उन्होंने कहा की संस्थान द्वारा बायो वेस्ट के निपटान हेतु व्यवस्था बनाई गई है और परिसर के कचरे को यहीं पर अलग कर उससे खाद बना दी जाती है। जल्द ही नगर निगम से बात कर सॉलिड वेस्ट की डम्पिंग की पुख्ता व्यवस्था कर दी जाएगी। निदेशक ने कहा की उनका संस्थान स्वच्छता के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और आम जन का स्वास्थ्य उनके लिए अहम् स्थान रखता है। इस अवसर पर उनके साथ रमेश नारंग , भारत भूषण , सुभाष त्रेहन , गोपाल कुमार व शंकर भी मौजूद रहे।

































