हाईवे थाना में तैनात ट्रेफिक पुलिस कर्मीयों ने सीखे प्राथमिक सहायता देने के गुर
करनाल, आशुतोष गौतम ( 15 जनवरी ) 31वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के पांचवें दिन हाईवे थाना में तैनात सभी ट्रेफिक पुलिस कर्मीयों ने रैड क्रास विभाग के अधिकारी एमसी धीमान से घायल व्यक्तियों को प्राथमिक सहायता देने के गुण सीखे। श्री धीमान ने कहा कि दूर्घटना होने के बाद वहां पर मौजुद व्यक्ति सबसे पहले मैसेज पुलिस को करते हैं और मौके पर पहुंचने वाले पुलिस कर्मी को यदि सही ढ़ग से प्राथमिक सहायता की जानकारी होगी तो वह किसी की जान बचाने में उसकी सहायता कर सकता है। अकसर देखने में आता है कि जिन लोगों को मौके पर ही प्राथमिक सहायता नहीं मिलती, वे या तो अपना जीवन गवा देते हैं या फिर उन्हें अपना शेष जीवन एक अपाहिज की तरह गुजारना पड़ता है। श्री धीमान ने बताया कि सर्वप्रथम प्राथमिक सहायता देते समय हमें प्लास्टिक के दस्ताने पहन लेने चाहिए। घायल व्यक्ति से बातें करके उसे होष में रखने का प्रयास करना चाहिए, जिस स्थान से खुन बह रहा हो उस पर पटृटी या कोई कपड़ा बांध देना चाहिए, ताकि अधिक खुन न बहे। घायल व्यक्ति को उठाते समय उसके अंगों को जितना कम हो सके उतना कम हिलाना चाहिए, यदि उसके हाथ व पांव और टांग में हडडी टूटना प्रतित हो तो उस स्थान को ध्यान से कपड़े से लपेट देना चाहिए व उसे हिलने न दें। घायल व्यक्ति का हौंसला लगातार बढ़ाते रहें। उन्होंनें बताया कि घायल व्यक्ति को हो सके तो किसी कपड़े जैसे चदर आदि के सहायता से ही हिलाएं और सबसे महत्वपूर्ण बात उन्होंनें सिखाया कि किस प्रकार से दूर्घटना के बाद अचेत हुए व्यक्ति को कृत्रिम सांस देनी चाहिए व किस प्रकार दोनों हाथों से उसकी छाती को बीच से दबाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक थाना हाइवे करनाल निरीक्षक नरेन्द्र कुमार ने बताया कि हाईवे पर बने पुलिस बुथों में डयुटी कर रहे जवानों को विषेषरूप से हर प्रकार की प्राथमिक सहायता की जानकारी होनी चाहिए, क्योंकि हाईवे पर कोई भी दूर्घटना घटने पर वे सबसे पहले उस स्थान पर पहुंचतें हैं और इसकी जानकारी लेकर वे भविष्य में किसी के प्राणों की सुरक्षा कर सकते हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा प्राथमिक सहायता के गुण पुलिस कर्मीयों को सीखाने के लिए श्री धीमान का विषेषरूप से धन्यवाद किया गया।

































