सात दिन के अंदर यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस ने मांगी उचित कार्रवाई, अन्यथा प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर किया जाएगा धरना प्रदर्शन: तेजपाल
ऊना, (21 सितंबर)।
प्रदेश के जिला सोलन में हुए जिला स्तरीय अर्की सायर मेले में दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता योगेश चौहान के साथ पुलिस थाना प्रभारी द्वारा किए गए दुव्र्यवहार पर जिला ऊना पत्रकार एसोसिएशन भी मैदान में कूद पड़ी है। वहीं इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हिमाचल प्रदेश यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस (सबद्व एनयूजे इंडिया) के प्रांतीय महामंत्री किशोर ठाकुर, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जितेंद्र ठाकुर, जोगिंद्र देव आर्य, सुमित शर्मा, हेमंत शर्मा व जिला सोलन प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, जिलाध्यक्ष सोलन राकेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनमोहन वशिष्ट ने पत्रकार पर हुए इस र्दुव्यवहार पर आपत्ति जताते हुए कह दिया है कि अगर प्रदेश और प्रशासन द्वारा उक्त अधिकारी पर सात दिन के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तो वह प्रदेश के हर जिला में धरना प्रदर्शन से गुरेज नहीं करेगें।
वहीं जिला ऊना के मुख्य संयोजक रविन्द्र तेजपाल व जिला संयोजक जीवन शर्मा ने भी अर्की सायर मेले में साईड में खड़े होकर कवरेज कर रहे दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार पर थाना प्रभारी द्वारा बदसलूकी करने का कड़ा संज्ञान लिया है। जिला ऊना के मुख्य संयोजक रविन्द्र तेजपाल ने कहा कि थाना प्रभारी को किसी मीडिया कर्मी का एक साईड खड़े होकर कवरेज करना रास नहीं आया, जिससे निस्वार्थ भाव से जनहित में कार्य कर रहे पत्रकार को गहरा आघात पंहुचा है जोकि निंदनीय है। उन्होने कहा कि यही नहीं जिस प्रकार थाना प्रभारी ने पब्लिक में शरेआम एक पत्रकार के साथ बदतमीजी की है वह एक स्वतंत्र लोकतंत्र के लिए सही व उचित नहीं है। ऐसे पुलिस अधिकारियों जिनके पास कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी होती है वह वर्दी के चक्कर में अगर मीडिया कर्मियों से अभद्र व्यवहार पर उतारु होते हैं, तो ऐसी अवस्था में किसी भी प्रकार से हिमाचल प्रदेश यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस सहन नहीं करेगी। उन्होने कहा कि हिमाचल प्रदेश यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस के उच्च पदाधिकारियों द्वारा आदेश हुए हैं कि अगर सात दिन के अंदर उक्त पुलिस अधिकारी पर उचित कार्यवाही नहीं की गई तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा, ठीक उसी प्रकार जिला ऊना में भी धरना प्रदर्शन करने से गुरेज नहीं किया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सरकार की होगी।
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जिला संयोजक जीवन शर्मा ने कहा कि प्रदेश पदाधिकारियों द्वारा इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी जिला सोलन पुलिस प्रशासन को मेल के माध्यम से भेज दी गई है और जो भी आगामी निर्णय होगा उस पर विचार विर्मश कर अगली रणनीति तैयार की जा रही है। उन्होने कहा कि कहने में तो सरकार मीडिया कर्मियों को अपना चौथा स्तभं मानती है लेकिन उसके परिणाम अधिकारियों की तानाशाही से मिल रहे हैं। उन्होने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारें जहां तक कि प्रशासन की योजनाओं को जन-जन तक पंहुचाना एक मात्र मीडिया ही होता है और वह भी बिना किसी वेतन-भत्तों के, परंतु फिर भी उन पर अगर ऊंगली उठाई जाती है तो वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि सरकारें न तो मीडिया कर्मियों के लिए सुरक्षा देती है और न ही उनके लिए कोई वेतनमान। जबकि एक पत्रकार निस्वार्थ भाव से अपनी भूमिका निभाता है और सरकारों की योजनाओं को जन-जन तक पंहुचाता है।
उन्होने कहा कि हमारी राष्ट्रीय संस्था नैशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट पहले ही अपने प्रोटैकशन एक्ट के लिए लड़ाई लड़ रही है, जोकि ऐसे ही संवेदनशील मुददों में एक पत्रकार के लिए सुरक्षा कवच से कम नहीं है। लेकिन फिर भी पत्रकारों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है उक्त विषय पर हिमाचल प्रदेश यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस इस संदर्भ में कड़ी कार्यवाही की मांग करती है।
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वहीँ जिला ऊना के पत्रकारों में डा. रणधीर जसवाल, राजन चब्बा, राजेश शर्मा, हि.प्र. यूजे जिला ऊना के सह-संयोजक सुरेश बस्सन, सतीश चंदन, जोगिन्द्र देव आर्य, नीना, बंगाणा प्रैस क्लब के अध्यक्ष अनिल ठाकुर, कुलदीप धीमान, महेश शर्मा, राम सिंह, पंकज शर्मा, राजीव राठौर, राजेश शर्मा, राम प्रकाश, श्रीचंद, वरूण वशिष्ट, राजेन्द्र भारद्वाज, अजय शर्मा, सतीश कुमार, दीक्षा बैंस, मनोज ठाकुर, मोहित कांडा, नरेश सिंगा, नवीन महे, पंकज चोपड़ा, राणा दिनभर न्यूज, सुलिन्द्र चौपड़ा, पंकज कतना, गौरव सहोता, अजय कुमार, परमिन्द्र, एडवोकेट नीरज शर्मा सहित जिला की विभिन्न अखबारों के पत्रकारों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।





























