पलांखवाला में भागवत कथा आयोजन
बीबीएन 25 सितंबर शांति गौतम
अगर घर में शांति को लाना है तो रामायण गीता का पाठ हर घर में प्रत्येक मनुष्य को प्रतिदिन करना चाहिए। यह बात झाडमाजरी के निकट पलांखवाला गांव में आयोजित भागवत कथा में चौथे दिन प्रवचन देते हुए प्रसिद्व आचार्य जगमोहन दत्त शास्त्री ने कही। उन्होने कहा कि आज का युग चहुं ओर से परेशानियों का युग है और हर व्यक्ति किसी ने किसी चिंता से ग्रस्त है। आधुनिकता का अंधा अनुसरण ही समस्या का कारण है। जीवन में सत्संग हो तो जीवन मंगलमयी होता है। जहां तक संभव हो बुराई से बचे रहना चाहिए क्योंकि एक बुरा विचार घर परिवार को नष्ट कर देता है। मंथरा के एक बुरे विचार ने कैकेयी मां को श्रीराम से विमुख कर दिया था। श्रीराम पिता दशरथ केवचन को निभाने के लिए राजतिलक के अवसर पर सहर्ष वन चले गए थे। उन्होने कहा कि प्रभु श्रीराम अपने व्यवहार से बता रहे हैं कि परिस्थितियो को अपने उपर हावी न होने दो अपितू अपने सहज स्वभाव में सभी परिस्थितियों में अपने अधीन रखते हैं। उन्होने कहा कि रामायण के स्वअध्याय से जीवन में संकटों में विजय पाने की शक्ति मिलती है। इसलिए प्रत्येक घर में रामायण कापाठ परम आवश्यक है। हमारा भारत सोने की चिडिया होता था उस समय हर वर्ग का मनुष्य धर्म, अध्यात्म से जुडा हुआ था। अत आज भी समाज को धर्म अध्यात्म की परम आवश्यकता है। गीता रामायण मंत्र जाप ही अध्यात्म का मार्ग खोलता है। रामायण ही आदर्श समाज का निर्माण करता है। अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। सीताराम भजो मन सीताराम कहकर उन्होने आज की कथा का विराम किया। इस अवसर पर आयाोजक बलविंद्र सिंह ठाकुर व उनके परिवार के अलावा कई गांववासी उपस्थित थे।






























