लम्बे समय से निगम की दुकानो का किराया न चुकाने वाले भी आएंगे घेरे में, दुकाने होंगी सील
करनाल, आशुतोष गौतम (12 दिसंबर ) लम्बे समय से नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने वाले सरकारी विभाग, नागरिक और निगम की दुकानो का किराया न भरने वाले दुकानदारों के खिलाफ सरकार ने अब सख्त रूख अख्तयार कर लिया है। बुधवार सांय शहरी निकाय विभाग के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर के साथ हुई विडियो कॉन्फ्रैंस के बाद सभी निगम आयुक्त एक्शन मोड में आ गए हैं। वी.सी. में प्रधान सचिव ने दो टूक कहा, बहुत हो चुका अब सख्त कार्रवाई करो। आगामी मार्च तक निगम के खजाने में बकाया टैक्स और रैंट की राशि वसूल कर इसे आत्मनिर्भर बनाए, सरकार की ओर से अनुदान नहीं मिलेगा। निगम अधिकारियों ने प्रधान सचिव के इन निर्देशों को प्रभावी कदम मानकर डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। इसे लेकर डिफाल्टर दुकानदारों की दुकाने सील कर उन्हें खाली करवाया जाएगा। इसी प्रकार जो नागरिक लम्बे समय से डिफाल्टर चले आ रहे हैं और जिनकी ओर प्रॉपर्टी टैक्स का लाखो रूपया बकाया है, उनकी चल-अचल सम्पत्ति को अटैच कर उसकी बोली लगाई जाएगी। यही नही ऐसे डिफाल्टरों के बैंक खाते भी सील किए जाएंगे। करनाल निगम आयुक्त निशांत कुमार यादव ने वी.सी. का हवाला देकर बताया कि सरकारी विभाग जो डिफाल्टर है और जिनकी ओर करोड़ो रूपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया पड़ा है, उन्हे निगम की ओर से टैक्स अदा करने के लिए एक डी.ओ. लैटर भेजा जाएगा। इसी लेटर की एक प्रति प्रधान सचिव को प्रेषित होगी। प्रधान सचिव अपने स्तर पर ऐसे विभागो से वसूली के लिए कार्रवाई करेंगे, ताकि नगर निगमो की आय में बढ़ौतरी सम्भव हो सके। उन्होंने बताया कि करनाल में केन्द्र और राज्य सरकार के कार्यालयों की तरफ करीब 150 करोड़ रूपये के प्रॉपर्टी टैक्स की राशि लम्बे समय से बकाया चली आ रही है। बार-बार नोटिस दिए जाने के बाद भी हालात जस के तस हैं। इनमें केन्द्र सरकार के 10 और राज्य सरकार के 60 विभाग बताए गए हैं। सभी विभागाध्यक्षों को अर्ध सरकारी पत्र देकर बकाया टैक्स अदा करने के लिए कहा जाएगा। केन्द्र सरकार के जितने भी विभाग है, उन्हे बुलाकर उनसे बातचीत भी की जाएगी, ताकि इस समस्या का समाधान निकाला जा सके। दूसरी और दुकानदारों की बात करें, तो 200 के करीब दुकानदार भी किराया ना चुकाने को लेकर डिफाल्टरों की सूची में हैं। इनमें से 60 से 70 दुकानदार ऐसे हैं, जो पुराने डिफाल्टर हो चुके हैं, जबकि करीब 150 दुकानदार पिछले करीब 5-6 महीनो से किराया अदा नहीं कर पा रहे हैं। निगम ऐसे सभी डिफाल्टरों की दुकाने सील कर उन्हें खाली करवाएगा। विडियो कॉन्फ्रैंस उप निगमायुक्त धीरज कुमार, मुख्य अभियंता ठाकुर लाल शर्मा, वरिष्ठï लेखाधिकारी संजय कालीरमन, टैक्स अधीक्षक सतप्रकाश, मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेन्द्र चोपड़ा, एस.ओ. कुलदीप राणा, जितेन्द्र मलिक तथा मनोज उपस्थित रहे।

































