स्कॉलर यूनिफाइड स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में छुए कई आयाम – रोहित सावल
स्कूल के सालाना समारोह में छलके देश की संस्कृति के रंग. मेधावी छात्रों को मुख्यातिथि रोहित सावल ने किया सम्मानित

जसवाल, ऊना (15 दिसम्बर) स्कॉलर यूनिफाइड स्कूल ऊना में रविवार को वार्षिक पारितोषिक समारोह बड़े धूमधाम से मनाया गया,धीरज शर्मा के कुशल प्रबंधन और बेहतर मार्ग दर्शन के चलते स्कॉलर यूनिफाइड स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में कई आयाम छुए हैं। बच्चों को किताबी ज्ञान देने के साथ भारत की संस्कृति से जोड़े रखने के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं। खेलकूद गतिविधियों में स्कूली छात्रों का शानदार प्रदर्शन साबित करता है कि स्कूल प्रबंधन की ओर से बच्चों को हर क्षेत्र में परिपक्व बनाने के लिए अथक प्रयास किए गए हैं। इसका उदाहरण आज स्कूल के सालाना समारोह में देखने को मिला है। यह बात स्कूल के सालाना समारोह के मुख्यातिथि इंडिया न्यूज दिल्ली के संपादक रोहित सावल और हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा काउंसिल के राज्य समन्वयक नवीन शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि स्कूल के प्रबंधन के प्रयासों का ही नतीजा है कि चंद वर्षों के भीतर स्कॉलर यूनिफाइड स्कूल ने निजी शिक्षण संस्थानों में अपनी अलग पहचान स्थापित की है। स्कूल में उच्च शिक्षित एवं योग्य स्टाफ के चलते यह स्कूल दिन दौगुनी और रात चौगुनी तरक्की की ओर अग्रसर है। इससे पहले मुख्य मुख्यातिथि और विशेष अतिथि ने संयुक्त रूप से शिक्षा, संस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने स्टूडेंट्स को मन लगाकर पढ़ाई करने के साथ खेलकूद गतिविधियों में बढ़ चढक़र हिस्सा लेने का आह्वान भी किया। स्कूल के प्रधानाचार्य धीरज शर्मा ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट मुख्यातिथि और अभिभावकों के समक्ष रखी। उन्होंने आने वाले समय में शिक्षा में सुधार लाने के साथ स्कूल की फेक्युलिटी के संदर्भ में अपने विचार और स्कूल प्रबंधन की योजनाओं का खाका मुख्यातिथि और अभिभावकों के समक्ष रखा। कार्यक्रम में रॉकफोर्ड पब्लिक स्कूल के संचालक विनोद आनंद सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
नौनिहालों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन,,पलमिंद्र और अर्पिता ने नन्हें बच्चों को सामी प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया और मंच पर नौनिहालों ने अपने हावभाव से ऐसी सजीव प्रस्तुति दी कि पंडाल तलियों से गूंज उठा। पेरेंटल लव प्रस्तुति के लिए कृतिका और मुक्ति ने छोटे-छोटे बच्चों को प्रस्तुति के लिए बेहद मोहक अंदाज में प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया तो मंच पर माता-पिता का अपने बच्चों के प्रति प्यार और दायित्व के साथ बच्चों के माता-पिता के प्रति लगाव का सजीव चित्रण किया गया। कृतिका और मुक्ति ने ‘कर हर मैदान फतह’ कार्यक्रम के लिए बच्चों को आमंत्रित किया। इसके अलावा ‘जो बोले सो निहाल’, आज है संडे, राजस्थानी नृत्य, सूरज ढलता जाए, धूम-धूम, पहाड़ी नाटी के माध्यम से हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों की संस्कृति की छटा बिखेरी। सीनियर स्टूडेंट्स ने कॉरियोग्राफी के माध्यम से अपना टेलेंट दिखाया। बच्चों की भांगड़ा प्रस्तुति ने भी खूब वाहवाही लूटी।





























