डॉ राजीव सैजल एक नाकाम मंत्री हर फ्रंट पर रहे फिसड्डी, सीएम का दौरा रहा निराशा भरा
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने की तहसीलदार की व्यवस्था, हर शनिवार परवाणू में बैठ रहा था तहसीलदार
बीएचटी न्यूज, परवाणू ( 3 दिसंबर) प्रदेश के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र परवाणू को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तथा मंत्री डॉ राजीव सैजल द्वारा कोई तवज्जो नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री प्रवास के दौरान भाजपा सरकार द्वारा औद्योगिक क्षेत्र परवाणु को उप तहसील बनाकर इसका दर्जा घटा दिया गया है। यह क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है, जबकि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने परवााणू मेें हर हफ्ते एक बार तहसीलदार बैठने की व्यवस्था की, जिसके बाद हर शनिवार को तहसीलदार यहांं बैठ रहा था। यह बात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव एवं दून विधानसभा क्षेत्र प्रभारी वेद वर्मा ने मंंगवार को परवाणू में मीडिया से कही। उन्होंने कहा कि परवाणू वासियों की बहुत पुरानी मांग चली आ रही है कि परवाणू में एसडीएम कार्यालय खोला जाए और इसका लाभ कसौली विधानसभा क्षेत्र की पचास फीसदी जनता को होगा, लेकिन इसको भी भाजपा सरकार द्वारा दरकिनार कर दिया गया है । उन्होंने कहा कि सीएम का दौरा परवाणू वासियों के लिए निराशा भरा रहा है क्योंकि परवाणु से उद्योग पलायन कर रहे हैं और मुख्यमंत्री द्वारा इनके लिए कोई राहत की घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य हरियाणा में कालका एक बैकवर्ड क्षेत्र में आता है लेकिन फिर भी कालका में एसडीएम कार्यालय है, तहसील तथा कोर्ट की सुविधाएं हैं जिससे कालका निवासियों को यह सुविधाएं उशके घर के पास ही मिल रही है । जबकि परवाणू के लोगों को इन सुविधाओं के लिए कसौली जा फिर सोलन कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इसीलिए परवाणू से भी रिहायशी इलाकों को छोड़कर लोग कालका में रहना अधिक पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र से मंत्री डॉ राजीव सैजल एक नाकाम मंत्री साबित हुए हैं और हर फ्रंट पर मंत्री जी फिसड्डी साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया गया है।
































