आतिशबाजी की बिक्री हेतू स्थल निर्धारत किए
करनाल, आशुतोष गौतम (25 कक्तूबर) जिलाधीश करनाल विनय प्रताप सिंह की ओर से जारी एक आदेश के तहत दीपावली पर्व के दृष्टिगत जिला में आतिशबाजी की बिक्री हेतू स्थल निर्धारत किए गए हैं। इनमें करनाल शहर के सैक्टर-4 पार्ट-1 ट्रांसपोर्ट नगर, तरावड़ी में पुराने किले के पास दशहरा ग्राउण्ड, नीलोखेड़ी में भी दशहरा ग्राउण्ड, घरौंडा में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का ग्राउण्ड, असंध में भी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का ग्राउण्ड तथा इन्द्री में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। आतिशबाजी की बिक्री 25 से 27 अक्तूबर प्रात से रात्रि तक की जा सकेगी, जबकि आतिशबाजी 27 अक्तूबर रात्रि 8 से 10 बजे तक ही चलाई जा सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटाखो की बिक्री केवल वही लोग कर सकेंगे, जिन्होने इसके लिए जिला प्रशासन से लिखित अनुमति प्राप्त की है। बिना अनुमति के पटाखो की बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध है और यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के पटाखे व आतिशबाजी इत्यादि बेचता पाया जाएगा, तो उसके विरूद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। करनाल शहर में स्टालो की कुल संख्या 25, घरौंडा में 6, असंध में 8, तरावड़ी में 5, इन्द्री में भी 5, निसिंग में 1 तथा नीलोखेड़ी में 5 स्टाल लगाए जाने का प्रावधान है। सिविल सर्जन करनाल तथा सचिव रैड क्रॉस सोसाईटी सैक्टर-4 पार्ट-1 ट्रांसपोर्ट नगर में 25 से 27 अक्तूबर को प्रात: से रात्रि तक एक एम्बूलेंस तथा डॉक्टर टीम जीवन रक्षक दवाईयों उपलब्ध करवाई गई है । सम्पदा अधिकारी एचएसवीपी तथा नगर निगम के ईओ पेयजल युक्त टैंकर स्थल पर व्यवस्था की गई है। निर्धारित क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आतिशबाजी तथा पटाखो की बिक्री के दौरान गैस सिलेंडर जैसी ज्वलनशील वस्तु रखने का अधिकार नहीं है। स्टाल पर आतिशबाजी का डैमोस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। प्रत्येक स्टाल पर दो बड़े-बड़े पानी के ड्रम तथा दो ड्रम रेत रखनी होगी। सभी आतिशबाजी विक्रेताओं को उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त सेल टैक्स के कार्यालय में जी.एस.टी. की सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एनओसी लेनी होंगी। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के लिए पुलिस की तैनाती भी रहेगी। कोई दुकानदार बिना लाईसेंस के अनाधिकृत स्थान या दुकान पर आतिशबाजी बेचते हुए पाया गया, तो उसके विरूद्घ भारतीय विस्फोटक नियम 1984 की धारा 181 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दीपावली को लेकर जिलाधीश ने सभी नागरिको से भी अपील की है कि वे दीपावली त्यौहार को प्रदूषण और शोर रहित मनाएं। आतिशबाजी से होने वाली दुर्घटना से बचें। दूसरी ओर जिलाधीश विनय प्रताप सिंह ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 23 अक्तूबर 2018 तथा 11 अप्रैल 2019 के आदेशो के हवाले से एक अन्य आदेश जारी कर कहा है कि दीपावली पर्व पर रात्रि 8 से 10 बजे के बीच ही पटाखे इत्यादि चलाए जा सकेंगे। कम उत्सर्जन करने वाले तथा ग्रीन पटाखो का प्रयोग किया जाए। आदेश में कहा गया है कि भारत जैसे मुल्क में पैट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन द्वारा अनुमोदित पटाखो की बिक्री तो कानूनी रूप से ठीक है लेकिन विदेशी आतिशबाजी को गैर-कानूनी माना गया है, क्योंकि इनसे जन सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। दीपावली को आतिशबाजी का प्रयोग रात्रि 8 बजे से10 बजे तक चलाई जा सकेगी। जो व्यक्ति इन आदेशो की अवहेलना करेगा उसके खिलाफ सीआरपीसी तथा विस्फोटक अधिनियम 1884 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
































