भगवान शिव से वरदान पाकर बलवान बना रावण , श्रीशिव कलब पर किया गया रामलीला मंचन
करनाल, आशुतोष गौतम (29 सितंबर) श्रीशिव कलब जुंंडला की ओर से नगरखेड़ा के समीप जय श्रीराम आश्रम में रामलीला मंचन का शुभारंभ किया गया। रामलीला मंचन के दौरान कलाकारों ने रावण द्वारा कैलाश पर्वत को उठाना, रावण द्वारा भगवान शिव की अराधना करना और चंद्रहास खडग़ पाना, श्रवण कुमार का राजा दशरथ के दरबार आना, अंधे माता-पिता को श्रवण द्वारा तीर्थ यात्रा करवाना, राजा दशरथ द्वारा छोड़े गए शब्दभेदी बाण से श्रवण की दर्दनाक मृत्यु, पुत्र वियोग में श्रवण के माता-पिता का ह्दय विदारक विलाप और शाप देते हुए मृत्यु को प्राप्त होना जैसे बेहतरीन दृश्यों का मंचन किया गया। आकाश मार्ग से रावण सैर कर रहा है। कैलाश पर्वत के समीप जाते ही अचानक विमान रूक जाता है। नंदी के बार-बार मना करने पर भी रावण कैलाया को रास्ते से हटाने का प्रयास करता है लेकिन भगवान शिव की माया के चलते उसका अहंकार टूट जाता है। रावण भगवान शिव की अराधना करता है और भगवान प्रसन्न होकर उसे चंद्रहास नामक तलवार भेंट करते हैं। भगवान शिव से वरदान पाकर रावण विजय अभियान को निकल पड़ता है। कलाकार दीपक सैन ने भगवान शिव, डायरेक्टर कृष्णलाल कश्यप ने सूत्रधार, वाइस डायरेक्टर सतीश शर्मा ने रावण व श्रवण के पिता शांतनु, मदनलाल ने नंदी, रघु चनालिया ने मारीच, रामकुमार ने राजा दशरथ, सतपाल प्रजापत ने श्रवण की माता, रामलाल शर्मा ने मुनि वशिष्ठ की बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों को बांधे रखा। रामलीला महोत्सव में कलब प्रधान विनोद शर्मा, उपप्रधान रामफल चनालिया, कैशियर रमेश जांगड़ा, सचिव दिनेश तंवर, प्रबंधक सुरेश शर्मा, अमरसिंह दलबटियान, अमन प्रजापत, राजेंद्र पचीसिया, कोठी मास्टर मुकेश भारद्वाज, अमित जांगड़ा, अनिल कुमार, अमित चनालिया ने मुख्य रूप से अपनी जिम्मेदारी निभाई।





























