करनाल, आशुतोष गौतम (18 सितंबर) केंद्रीय आर्य युवक परिषद द्वारा आर्य केंद्रीय सभा करनाल के तत्वावधान में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में सात दिवसीय हिंदी सुलेख एवं बाल संस्कारशाला का समापन राजकीय उच्च विद्यालय सेक्टर 13 में किया गया। बच्चों को सात दिन तक हिंदी सुलेख सुधारने बारे प्रयास करवाया गया। आज समापन दिवस के अवसर पर शशि आर्या द्वारा यज्ञ करवाया गया। इस कार्यशाला का संचालन राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शशि आर्या द्वारा किया गया। उन्होंने बच्चों को सुलेख सुधारने की तकनीकों बारे बताया। इन तकनीकों को सीख कर बच्चों ने अपनी लिखाई में सुधार किया। इस अवसर पर स्कूल में सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें कक्षा छठी से अंजलि प्रथम, सुमन द्वितीय, सोनिया तृतीय स्थान पर रही। कक्षा आठवीं-ए में अनु प्रथम, रीना द्वितीय व रोहन तृतीय रहे। आठवीं-बी में गीता प्रथम, पूजा द्वितीय व सुलोनी तृतीय रही। नौंवी कक्षा में कोमल प्रथम, नैना द्वितीय व सिमरण ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रिंसिपल सुमित्रा कुकरेजा ने कहा कि ‘हिंदी भाषा नहीं भावों की अभिव्यक्ति हैÓ। यह मातृभूमि पर मर मिटने की भक्ति है। हमें गर्व है कि हमारी हिंदी दुनिया की सबसे व्यवहारिक भाषा है। हिंदी शाश्वत है। संपूर्ण विश्व में अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. आनंद सिंह आर्य प्रधान आर्य केंद्रीय सभा ने अपने उदबोधन में बच्चों को इस कार्यशाला के सफलतापूर्ण सम्पन्न करने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने हिंदी भाषा के उत्थान के लिए बहुत प्रयास किया। उन्होंने कहा कि हिंदी ही केवल ऐसी भाषा है जो राष्ट्र को एक सूत्र में पिरो सकती है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी राष्ट्र भाषा बोलते हुए गर्व का अनुभव करना चाहिए। प्रधानाचार्या स्नेहलता ने इस कार्यशाला के आयोजन के लिए केंद्रीय आर्य युवक परिषद का धन्यवाद किया और उनके इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे आयोजन करते रहने के लिए अनुरोध किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रांतीय अध्यक्ष स्वतंत्र कुकरेजा, जिला अध्यक्ष अजय आर्य, महामंत्री रोशन आर्य, आनंद सिंह आर्य, हरेंद्र चौधरी, अर्जुन देव वर्मा, भोपाल आर्य, सुभाष चौधरी, गजेंद्र आर्य, सतीश गुप्ता, सुमित्रा कुकरेजा, शकुंतला सुखीजा, सावित्री आर्या, शशि आर्या, प्रधानाचार्य स्नेह लता, सुमन ढींगड़ा, सुरेखा कादियान, अनीता व गीता जुनेजा आदि मौजूद रहे।

































