जन्मदिवस पर लगाई त्रिवेणी, पर्यावरण बचाने का दिया संदेश, आध्यात्मिक, धार्मिक एवं पर्यावरणीय महत्व है त्रिवेणी का
करनाल, आशुतोष गौतम ( 5 दिसंबर) समाधानांचल की राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट संतोष यादव द्वारा चलाए जा रहे त्रिवेणी लगाने के पूण्य कार्य को आगे बढ़ाते हुए आज सैक्टर-12 स्थित पाठक अस्पताल के समक्ष डा. राकेश जिंदल ने त्रिवेणी लगाकर अपना जन्मदिवस मनाया। इस दौरान उन्होंने बड़, नीम और पीपल के रुप में 345वीं और 346वीं त्रिवेणी लगाई और इसके लाभों के बारे में अवगत करवाया। इस अवसर पर डा. राकेश जिंदल ने कहा कि त्रिवेणी बड़, नीम व पीपल के संगम का नाम है जिसमें ब्रह्मा-विष्णु-महेश का निवास होता है, ऐसी लोक मान्यता है। यह त्रिवेणी कोई साधारण वृक्ष नहीं बल्कि इसका आध्यात्मिक महत्व है। त्रिवेणी को शास्त्रों में यज्ञ की संज्ञा दी गई है। उन्होंने सभी उपस्थित जनों को आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्मदिवस पर त्रिवेणी अवश्य लगाए और न केवल लगाए बल्कि उसका पालन पोषण भी करे क्योंकि हमारी संस्कृति में एक वृक्ष लगाना दस पुत्रों के समान माना गया है। उन्होंने बताया कि आज अपने जन्म दिवस पर एडवोकेट संतोष यादव की प्रेरणा एवं सहयोग से त्रिवेणी लगाने का पुनीत कार्य संपन्न करके बहुत ही आनंद प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जहां त्रिवेणी लगी होती है वहां हर पल, हर क्षण सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता रहता है। हर वह इंसान जो श्रद्धा भाव से, आध्यात्मिक भाव से इस त्रिवेणी को लगाता है या लगवाता है या इसका पालन-पोषण करता है, उसका कोई भी सात्विक कर्म विफल नहीं होता। त्रिवेणी हमें अपनी जड़ों व अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देती है। त्रिवेणी अर्थात बड़, नीम व पीपल वायुमंडल से कार्बनडाइऑक्साइड, धूलकणों और ध्वनि का अवशोषण कर व सर्वाधिक प्राणवायु ऑक्सीजन प्रदाता के रूप में वर्तमान व भावी पीढिय़ों के लिए वरदान साबित होती है। इस अवसर पर समाधानांचल के संरक्षक एस.के. सिंघल ने कहा कि पर्यावरण के प्रति हमें कटिबद्ध हो जाना चाहिए। यदि समय पर वृक्षों का संरक्षण और नए पौधों का रोपण नहीं किया गया तो हमारी आने वाली पीढिय़ां शुद्ध वायु के लिए तरस जायेंगी। पूरी मानवता के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा। इसलिए हम सभी को पर्यावरण के प्रति सचेत हो जाना चाहिए और भावी पीढ़ी के लिए बेहतर विश्व का निर्माण करना चाहिए। इस अवसर पर एडवोकट दीपक, राकेश एडवोकेट, रामदयाल, राजीव माली आदि सदस्य उपस्थित रहे।

































