कौटिल्य पंडित, जिन्हें गूगल बॉय के नाम से जाना जाता है, को उनके असाधारण ज्ञान और उनके प्रतिभाशाली दिमाग के लिए किया सम्मानित
करनाल, आशुतोष गौतम ( 5 जनवरी ) करनाल शहर के 10 वर्षीय कौटिल्य पंडित, जिन्हें गूगल बॉय के नाम से जाना जाता है, को नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल चाइल्ड प्रॉडिजी अवार्ड्स 2020 से सम्मानित किया गया है। किरण बेदी द्वारा कौटिल्य पंडित को इस अवार्ड से नवाजा गया। कौटिल्य पंडित हरियाणा के करनाल जिले का निवासी है, जो भौगोलिक सीमाओं, रूपरेखा और विषय से संबंधित अन्य जानकारियों के बारे में ज्ञान रखता है। वह कुछ ही सेकंड में ग्रहों और सौर प्रणाली से जुड़े सभी सवालों का जवाब दे सकता है। वर्तमान में कौटिल्य सोहना स्थित जी डी गोयनका स्कूल में पढ़ाई कर रहे है। अवार्ड प्राप्त करते हुये कौटिल्य पंडित ने कहा मैं इस सम्मान के लिए ग्लोबल चाइल्ड प्रॉडिजी अवार्ड और जूरी का शुक्रगुजार हूं। मुझे उम्मीद है कि मै भविष्य में अध्ययन और अच्छा करते हुये नई उच्चाई हासिल करूंगा। कौटिल्य के अलावा, विभिन्न क्षेत्रों में उनकी असाधारण प्रतिभा और योगदान के लिए जीसीपी में कुल100 बच्चों को पुरस्कार से नवाजा गया । चयन समिति ने इन प्रतिभाशाली बच्चों को विभिन्न मापदंडों पर आँकते हुये अंतत:100बच्चों की सूची बनाई। इस सूची में असंख्य पृष्ठभूमि से प्रतिभाएं शामिल हैं, जो मार्शल आर्ट, पेंटिंग, मॉडलिंग, लेखन, उद्यमिता, सामाजिक कार्य, अभिनय आदि जैसे हितों के अपने क्षेत्र में मुख्य योग्यता दिखाती हैं। इनमें मुख्य रूप से भारत सहित यूएसए, यूके, यूएई और स्पेन आदि देशों के बच्चे शामिल थे। ग्रीन मैन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर पर्यावारणविद डॉ. के अब्दुल घनी ने कहा, ग्लोबल चाइल्ड प्रॉडिजी अवार्ड्स ने महान प्रतिभाओं को पहचानने, सम्मान देने और प्रोत्साहित करने के लिए एक अनूठी पहल की है जो अपने संबंधित डोमेन में असामान्य विशेषज्ञता रखते हैं। यह पुरस्कार इन नवोदित प्रतिभाओं का समर्थन करने और उन्हें कुछ अलग करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए है। ग्लोबल चाइल्ड प्रॉडिजी (जीसीपी) अवार्ड कला, संगीत, नृत्य, लेखन, मॉडलिंग, अभिनय, विज्ञान और खेल जैसे विभिन्न श्रेणियों में बाल प्रतिभा को पहचानने के उद्देश्य से स्थापित अपनी तरह का पहला मंच है। इस पहल का उद्देश्य नवांकुरों की प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना, सही समय पर सही अवसर प्रदान करना है ताकि वो अपने कौशल से समाज पर एक बड़ा प्रभाव पैदा कर सकें।

































