आगे भी जारी रहेगी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ,कमेटी चौक, कर्ण गेट, कलंदरी गेट, मीरा घाटी व नावल्टी रोड़ से हटाया अतिक्रमण
करनाल, आशुतोष गौतम ( 13 दिसंबर ) शहर के व्यस्त बाजारों की लोकेशन पर अतिक्रमण से होने वाली असुविधा को रोकने के लिए नगर निगम की टीम एक बार फिर एक्शन मोड में आ गई है, यह कार्रवाई दो-तीन दिन से जारी है। गुरूवार को टीम ने बाजारों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में अच्छी सफलता हासिल की। नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ टीम को देखते ही अतिक्रमण कारियों में हडकम्प मच गया और वे दुकानो की सीमा से बाहर रखे सामान को समेटने लगे। फिर भी टीम के सामने अतिक्रमण की कार्रवाई में जो भी सामान सामने दिखा, उसे उठा लिया गया। इसके तहत पुराने कमेटी चौक, कर्ण गेट, कलंदरी गेट, मीरा घाटी व नावल्टी रोड़ से अतिक्रमण हटाया गया और सीमा से बाहर सड़क पर रखे विभिन्न तरह के सामान, जिसमें कबाड़ी के लोहे के सामान के अतिरिक्त विभिन्न दुकानदारों के बोर्ड, फ्लैक्स, बाल्टियां, टब, लकड़ी की घोड़ी, जूस के काउंटर, स्टूल तथा अन्य सामान उठाकर उसे ट्रैक्टर-ट्राली की मदद से निगम के स्लाटर हाऊस में पहुंचाया गया है। जो दूकानदार अपना सामान लेना चाहेगा, उसे कम से कम 500 रूपये का जुर्माना अदा करना पड़ेगा। इससे ज्यादा जुर्माने की राशि भी वसूल की जा सकती है। निगम आयुक्त ने दुकानदारों को चेताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि निगम की टीम में ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड को भी लिया गया था। वास्तव में शहर के ऊपर बताए गए क्षेत्रो में अतिक्रमण की समस्या काफी पुरानी है। नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने के लिए समय-समय पर अपनी कार्रवाई करती है, लेकिन दुकानदार फिर अतिक्रमण करने से बाज नहीं आते। हालांकि कुछ दुकानदार अतिक्रमण करने के हक में नही हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इस प्रवृत्ति को नहीं छोड़ते। परिणामस्वरूप बाजारों में वाहनो, नागरिकों व ग्राहको की आवाजाही में असुविधा बनी रहती है। नगर निगम के आयुक्त निशांत कुमार यादव ने इस सम्बंध में कहा है कि जो लोग व्यस्त बाजारों में अतिक्रमण करते हैं, वे शहर के नागरिक है और जो लोग बाजारो में जाते हैं, वह भी शहर के नागरिक हैं। अतिक्रमणकारी अपने ही लोगों को दिक्कत पहुंचाने में लगे हैं। नगर निगम द्वारा पूर्व में दुकानो के आगे एक निश्चित सीमा तक पीली पट्ïटी लगाई गई थी, इसके बाहर सामान रखना अतिक्रमण के दायरे में आता है। दूसरी ओर बाजार में आने वाले ग्राहक टू-व्हीलर और कई बार फोर-व्हीलर यानि कार पर सवाल होकर आते हैं, जिससे आवाजाही बूरी तरह से प्रभावित हो जाती है। वाहन चालको को चाहिए कि वे बाजार के आस-पास जहां-जहां नगर निगम के द्वारा पार्किंग की व्यवस्था की गई है, उन्हीं जगह पर अपने वाहनो को खड़ा करके बाजार में प्रवेश करें। इससे काफी हद तक भीड़ और उससे उत्पन्न असुविधा की समस्या स्वत: ही खत्म हो जाएगी। उन्होंने नागरिकों को सलाह दी है कि वे इस बारे जागरूकता से काम लें।

































