विदेश जाने से पहले 14 दिन के लिए क्वारंटाइन होना पड़ेगा
करनाल, आशुतोष गौतम। डीसीनिशांत कुमार यादव ने विदेश से आने वालों के लिए केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों की जानकारी देकर बताया कि विदेशों से आने वाले सभी यात्रियों को स्वदेश आने के लिए ऑनलाईन पोर्टल पर एक शपथ पत्र देना होगा कि वे अनिवार्य रूप से 14 दिन के क्वारंटाईन में रहेंगे जिसमें से 7 दिन के संस्थागत क्वारंटाईन का भुगतान करना होगा और बाकि 7 दिन अपने घर में क्वारंटाईन होकर अपने स्वास्थ्य की स्वयं निगरानी करनी होगी। उपायुक्त ने बताया कि जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार केवल विशेष मामलों जैसे की गर्भावस्था, परिवार में मृत्यु, गंभीर बीमारी और 10 वर्ष अथवा उससे कम उम्र के बच्चों वाले अभिभावकों को 14 दिन के गृह क्वारंटाईन की अनुमति दी जा सकती है। ऐसी छूट प्राप्त करने के लिए देश में पहुंचने से कम से कम 72 घंटे पहले ऑनलाईन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इस बारे सरकार द्वारा पोर्टल पर लिया गया निर्णय अंतिम होगा। उन्होंने आगे बताया कि नए संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार यात्री देश में पहुंचने पर आरटीपीसीआर परीक्षण में संक्रमण नहीं होने की पुष्टि वाली रिपोर्ट जमा करके संस्थागत क्वारंटाईन से छूट की मांग कर सकते हैं। इस तरह का परीक्षण यात्रा शुरू करने से 96 घंटे पहले किया गया होना चाहिए। सभी यात्रियों को अपने मोबाईल पर आरोग्य सेतू एप्प डाउनलोड भी करना होगा। विमान अथवा जहाज के पहुंचने पर केवल बिना लक्षण वाले यात्रियों को ही थर्मल जांच के बाद उतरने की अनुमति दी जाएगी। जो यात्री जमीन के रास्ते आएंगे उन्हें भी उपरोक्त दिशा-निर्देशों की अनुपालना करनी होगी और केवल वही व्यक्ति जो ए सिम्पटोमैटिक होंगे, सीमा पार कर भारत आने के योग्य हो सकेंगे। डीसीने बताया कि जिन यात्रियों ने सैल्फ डिक्लेरेशन फार्म नहीं भरा होगा उन्हें फ्लाईट/समुद्री जहाज पर डुप्लीकेट की शक्ल में भरना होगा और उसकी प्रति एयरपोर्ट, सी पोर्ट व लैंड पोर्ट पर मौजूद स्वास्थ्य एवं इमिग्रेशन अधिकारियों को देना होगा, विकल्प के तौर पर ऐसे यात्रियों को एयरपोर्ट, सी पोर्ट व लैंड पोर्ट पर पहुंचकर ऑनलाईन पोर्टल पर सैल्फ डिक्लेरेशन फार्म भरना होगा, बशर्ते है कि वहां यह सुविधा उपलब्ध हो। जहाज पर चढ़ते समय सभी सावधानियां जैसे मास्क पहनना, स्वच्छता, श्वसन संबंधी स्वच्छता तथा हाथों की स्वच्छता बरतनी होगी। उन्होंने बताया कि जहाज से उतरते समय सोशल डिस्टैंसिंग बनानी होगी। ऐसे सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। ऑनलाईन भरा गया सैल्फ डिक्लेरेशन फार्म एयरपोर्ट हैल्थ स्टाफ को दिखाना होगा। जो यात्री स्क्रीनिंग के दौरान संक्रमित पाए जाएंगे उन्हें तुरंत स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों के तहत पृथक रखने के लिए मैडिकल फैसिलिटी लेनी होगी। अन्य यात्रियों को संबंधित राज्य या संघीय सरकारों की ओर से प्रबंध की गई संस्थागत सुविधाओं में रहना होगा। ऐसे यात्री कम से कम 7 दिन के लिए क्वारंटाईन रहेंगे।
































