एबीवीपी के 40वें प्रांत अधिवेशन में मुख्यतिथि के रूप में शामिल हुए जय राम ठाकुर
जसवाल, ऊना (11 नवंबर)- राष्ट्र पुनर्निर्माण के लक्ष्य के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) एक देशव्यापी छात्र संगठन के रूप में अपने बहुआयामी और विविध गतिविधियों के साथ समाज के हर पहलू को छू रहा है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात आज ऊना में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 40वें प्रांत अधिवेशन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के विरुद्ध जन आंदोलन खड़ा करने में भी एबीवीपी को अहम भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने छात्रों में नशे के इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एबीवीपी को आगे आना चाहिए और समाज में व्याप्त इस बुराई को खत्म करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद हिमाचल प्रदेश की पहल पर पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान इस बुराई पर अंकुश लगाने के लिए संयुक्त रणनीति बनाने को सहमत हुए। प्रदेश सरकार ने कानून को भी सख्त बनाया है, लेकिन सिर्फ कानून का सख्त होना ही समाधान नहीं है बल्कि इस सामाजिक कुरीति के प्रति जागरूकता बढ़नी चाहिए। हर वर्ग को यह बात अच्छी तरह से पता होनी चाहिए कि नशा किस तरह से समाज को खोखला रहा कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त एबीवीपी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए भी आगे आना चाहिए। इस अवसर पर उपस्थित एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने कहा कि प्रदेश में एबीवीपी सराहनीय सेवाएं दे रही हैं और देश में सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी ने अपने अस्तित्व के 70 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं और यह देश के प्रमुख छात्र संगठन के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी से जुड़े छात्रों को शिक्षा के अलावा राष्ट्रीयता और देशभक्ति की मशाल को लेकर चलना चाहिए।

एसएसआरवीएम स्कूल ऊना में पौधा लगाते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर तथा साथ में स्कूल के एमडी सुमेश शर्मा व अन्य






























