इंडस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित, नए विद्यार्थियों का हुआ स्वागत
डॉ रणधीर जसवाल, ऊना। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी बच्चों के लिए उच्च शिक्षा के दरवाजे खोलने की दिशा में हिमाचल सरकार की पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डॉ. विजय डोगरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को नई दिशा देने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। गरीब विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए करीब 50 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध करवाने की योजना से अब आर्थिक तंगी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सपनों के बीच दीवार नहीं बनेगी। डॉ. विजय डोगरा ने यह बात इंडस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, बाथू में नए विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति की सबसे मजबूत नींव है और सरकार द्वारा विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना प्रदेश के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ा है और हिमाचल को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे अवसरों का लाभ उठाने और अपनी प्रतिभा को सही दिशा में लगाने का आह्वान किया।
‘डिग्री नहीं, हुनर और जिम्मेदारी बनाएगी भविष्य’
नए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. डोगरा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ कौशल, तकनीकी समझ, संवाद क्षमता, नेतृत्व, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को भी अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाना होगा।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य की नींव तैयार करने का मंच है। यहां विद्यार्थी अपने करियर की दिशा तय करते हैं और जीवन की महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखें और उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करें। बदलती तकनीक और तेजी से बदलते रोजगार बाजार के दौर में विद्यार्थियों को नई तकनीकों के साथ कदमताल करना होगा। जो युवा सीखना बंद कर देता है, उसके लिए आगे बढ़ने के अवसर भी सीमित हो जाते हैं।
माता-पिता और गुरु का सम्मान सफलता की पहली सीढ़ी
डॉ. विजय डोगरा ने कहा कि बच्चे के जीवन में माता-पिता पहले गुरु होते हैं, जो उसे जीवन के मूल संस्कार और दिशा देते हैं। इसके बाद शिक्षक उसके व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करने तथा उनके मार्गदर्शन को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके सामने अवसरों के साथ चुनौतियां भी होंगी, लेकिन मेहनत, अनुशासन, सकारात्मक सोच और मजबूत लक्ष्य के बल पर वे हर चुनौती को अवसर में बदल सकते हैं।
हरोली को शिक्षा के हब के रूप में मिली नई पहचान
डॉ. डोगरा ने कहा कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के प्रयासों से हरोली क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है। क्षेत्र में बड़े शिक्षण संस्थानों की स्थापना से स्थानीय विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों का विस्तार क्षेत्र की युवा पीढ़ी के भविष्य को मजबूत करने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति देता है।
अनुसूचित जाति आयोग हिमाचल प्रदेश में बेहतर कार्य कर रहा है, वंचित वर्गों को न्याय दिलाने में निभा रहा अहम भूमिका
डॉ विजय डोगरा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। आयोग द्वारा शिकायतों एवं मामलों की समीक्षा के साथ-साथ लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।आयोग की कार्यप्रणाली में आई सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में आयोग की बैठक में पिछले एक माह के दौरान किए गए कार्यों और विभिन्न मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा प्रदेशभर में जागरूकता एवं समीक्षा कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। अनुसूचित जाति समाज के लोगों को न्याय दिलाना, उनके साथ होने वाले भेदभाव और अधिकारों से जुड़े मामलों को गंभीरता से उठाना तथा संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी पैरवी करना आयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। ऐसे में आयोग की सक्रिय भूमिका समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए भरोसे का मजबूत आधार बन रही है।
नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की गतिविधियों से कराया परिचित
इंडस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में आयोजित इंडक्शन कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, अनुशासन, पाठ्यक्रम, सुविधाओं और भविष्य के विभिन्न अवसरों से परिचित करवाना रहा।विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर संजय कुमार बहल ने मुख्य अतिथि डॉ. विजय डोगरा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की समझ देना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।उन्होंने कहा कि इंडक्शन कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए नए शैक्षणिक वातावरण को समझने और अपने भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण अवसर है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि यहां से निकलने वाला प्रत्येक विद्यार्थी आत्मविश्वास, ज्ञान और कौशल से सशक्त होकर समाज और देश के निर्माण में अपनी भूमिका निभाए। इस अवसर पर जी एस राणा भी उपस्थित रहे।




























