ढालपुर मैदान में अस्थाई दुकानों पर नगर परिषद ने चलाया पीला पंजा
नीना गौतम कुल्लू, 04 नवंबर। कुल्लू के ढालपुर मैदान में सजी दशहरा उत्सव की अस्थाई दुकानों को हटाने के लिए आखिरकार नगर परिषदको कड़ा रुख अपनाना पड़ा। नगर परिषद कुल्लू द्वारा मंगलवार को अस्थाई दुकानों को हटाने के लिए जेसीबी का सहारा लेना पड़ा। वहीं कर्मचारियों द्वारा अस्थाई दुकानों को भी उखाड़ा गया ताकि जल्द से जल्द ढालपुर मैदान को खाली किया जा सके। वहीं इस कार्रवाई के दौरान नगर परिषद कुल्लू के उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।

मंगलवार सुबह दो जेसीबी को ढालपुर मैदान लाया गया और उनकी सहायता से व्यापारियों द्वारा तैयार किए गई अस्थाई दुकानों को उखाड़ा गया वहीं इस दौरान कुछ दुकानदारों के सामान को भी जब्त किया गया। गौर रहे कि दशहरा उत्सव में अस्थाई दुकानों को दिवाली तक की दुकान लगाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन उसके बाद भी व्यापारी दुकानें नहीं हटा रहे थे तो ऐसे में नगर परिषद द्वारा सभी दुकानदारों को चेतावनी भी जारी की गई थी। जब दुकानदारों द्वारा दुकाने नहीं हटाई गई तो मजबूरन नगर परिषद कुल्लू को जेसीबी का सहारा लेना पड़ा। नगर परिषद कुल्लू के उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने बताया कि दिवाली के बाद भी दुकानें हटाने के लिए कई बार दुकानदारों से आग्रह किया गया था। लेकिन वह अपनी दुकानें हटाने को तैयार नहीं हुए ऐसे में ढालपुर मैदान को खाली करने के लिए जेसीबी का सहारा लिया गया और कुछ दुकानदारों का सामान भी जब्त किया गया है। जल्द ही सारा ढालपुर मैदान खाली करवा दिया जाएगा। कुल्लू के ढालपुर मैदान में सजी अस्थाई दुकानों को हटाते समय एक टीन का शेड अचानक गिर गई। वहीं ढालपुर मैदान में अस्पताल की ओर जाने वाले रास्ते से गुजर रहे लोग भी उसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। इस दौरान स्थानीय लोगों व नगर परिषद कर्मियों के बीच में तीखी झड़प हुई जिसे बाद में सुलझा लिया गया। जानकारी के अनुसार नगर परिषद के कर्मचारी ढालपुर मैदान में अस्थाई दुकानों के शेड उखाडऩे का कार्य कर रहे थे। तभी अचानक एक शेड अचानक गिर गया और उसके नीचे से गुजर रहे लोग बाल-बाल बच गए। इसी दौरान वहां से गुजर रहे लोग नगर परिषद कर्मचारियों पर भड़क उठे और थोड़ी ही देर में उनकी तीखी झड़प भी हो गई। लेकिन कुछ अन्य लोगों ने इस मामले में बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को शांत करवाया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि नगर परिषद के कर्मचारियों को अगर शेड हटाने ही हैं तो वे रात के समय इस कार्य को करें या फिर कुछ लोगों की भी तैनाती करें जो रास्ते से गुजर रहे लोगों को रोक सके। अगर शेड लोगों पर गिर जाता तो इसमें लोगों की जान भी जा सकती थी। ऐसे में नगर परिषद के कर्मचारी सोच समझकर ही कार्य करें।


































