भविष्य में इस सामाजिक बुराई पर होगा कडा प्रहार, एंटी करपशन फाऊंडेशन के जिला प्रभारी आर्य ने की शिरकत
बददी ,11 दिसंबर (शांति गौतम ) बददी के निकट क्रिसेंट मून पब्लिक झाडमाजरी में आज बच्चों को नशे से बचने के लिए जागरुकता का शिविर का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर एंटी करपशन के जिला प्रभारी कुलवीर सिंह आर्य उपस्थित हुए जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य दीप कुमार आर्य ने की। कुलवीर आर्य ने नशे पर विस्तार से प्रकाश डाला और इस सामाजिक बुराईयों से दूर रहने का आहवान किया। उन्होने कहा कि कहने का क्या है वे लोग तो कह देते हैं कि हम गम को भुलाने के लिए पीते हैं। इसी से हमारे मन को शांति मिलती है। नशा करने से दुखों और कष्टों से मुक्ति मिलती है लेकिन क्या सचमुच नशा करने से व्यक्ति दुखों से मुक्त हो जाता है? अगर ऐसा होता तो पूरे विश्व में कोई भी दुखी और चिंताग्रस्त नहीं होता। किसी विद्वान् ने यह बात बिलकुल सत्य कही है कि मदिरापान सब बुराईयों की जड होती है। मदिरा मनुष्य को असंतुलित बनाती है। शराबी व्यक्ति से किसी भी समाज की बुराई की अपेक्षा की जा सकती है। इसी कारण से हमारे शास्त्रों में मदिरापान को पाप माना जाता है। शुरू में तो व्यक्ति शौक के तौर पर नशा करता है। उसके दोस्त उसे मुफ्त में शराब पिलाते हैं। कुछ लोग ये बहाना बनाते हैं कि वे थोडी थोडी दवाई की तरह शराब को लेते हैं लेकिन बाद में उन्हें लत पड जाती है। जिन लोगों को शराब पीने की आदत पड जाती है उनकी शराब की आदत फिर कभी भी नहीं छूटती। उन्होने कहा कि आजकल सिथेंटिक ड्रग यानि चिट्टे का बहुत ज्यादा प्रचलन बढ गया है कालेज शिक्षण संस्थानों के युवा इसमें संलिप्त होकर जान गंवा रहे हैं। शराबी व्यक्ति शराब को पीकर विवेकशून्य हो जाता है और बेकार, असंगत और अनिर्गल प्रलाप करने लगता है। उसकी चेष्टाओं में अशलीलता का समावेश होने लगता है। वह शिक्षा, सभ्यता, संस्कार और सामाजिक मर्यादा को तोडकर अनुचित व्यवहार करने लगता है। गाली-गलोंच और मारपीट उसके लिए आम बात हो जाती है। उन्होने नशा विरोधी शपथ दिलाते हुए कहा कि इसके हटने से देश सामूहिक शक्ति प्राप्त कर लेगा। इससे लोग चरित्रवान और बलवान बनेंगे। तामसी वृत्ति समाप्त हो जाएगी और सात्विक वृत्ति बढने लगेगी। इससे धर्म और कर्तव्य की भावना विकसित होगी। बाद में विद्यालय के प्रधानाचार्य दीप कुमार आर्य ने मुख्य वक्ता को समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
































