करनाल, आशुतोष गौतम (18 सितंबर ) मिरघान गांव मे गांवों की एक पीएचसी बनाई जा रही है। पीएचसी के लिए पंचायत ने जो जगह निर्धारित कि है उस जगह में ग्रामीण 40वर्षों से मकान बनाकर रह रहे हैं। आधा दर्जन मकानों के मीटर भी बाहर हैं। आधार कार्ड है, वोटर कार्ड है। 13 सितंबर को पंचायत ने तीन घरों पर जेसीबी चलवाकर उनको गिरवा दिया। यह घर विधवा जितो ओर विधवा कृष्णा के है। ग्रामीण सोनू, कृष्ण देवी, रामकिशन व कृष्ण सहित अन्य ने आरोप लगाया कि ग्राम सरपंच ने बिना निशानदेही के और गंदी वोट की राजनीति के तहत उनके घरों को गिरवा दिया। उस समय घर पर एक बुजुर्ग महिला थी, जिसको पैरालिसिस है। वह चल फिर नहीं सकती। पंचायत ने उसको बाहर कर तीन मकानों को गिरवा दिया। जबकि गाव वाले सीएम के करनाल दौरे के दौरान सीएम से मिले थे और सीएम ने डीसी को भी कहा था कि पीएचसी की दीवार को घरों के साथ साथ निकालें ओर मकान नहीं गिरने चाहिए। उसके बावजूद भी मकान गिराए गए। उस दिन परिवार के सदस्य फिर से मुख्यमंत्री से मिलने चंडीगढ़ गए हुए थे, उनके पीछे से मकानों को गिराया गया। इस पंचायती जगह पर शिव मंदिर, गुरुद्वारा व रविदास का मंदिर भी है। इसके अलावा ओर भी घर है। गाववासियों ने आरोप लगाया है सिर्फ तीन मकानों को गिराया गया है। सारा समान टूटकर इंटों के नीचे दब गया है। आज आक्रोश में आकर गांव वालों ने सार्थक से मेरठ रोड की सड़क पर जाकर 8 घंटा का जोरदार नारेबाजी और ऐलान किया कि कल पूरा गांव करनाल उपायुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन करेगा क्योंकि सच्चाई सबके सामने लेकर आनी है। उन्होंने मांग की है कि पूरी जमीन की निशानदेही हो और जो भी मकान पंचायती जमीन के अंतर्गत आएं उन्हें भी गिराया जाए। सरकार उनके मकान बनाकर उन्हें दे तब तक वह ऐसी ही स्थिति में रहेंगे।

































