सीनियर सिटीजन को बैठने के लिए मिलेगी कुर्सी और लाईन में भी नहीं लगना पड़ेगा
करनाल, आशुतोष गौतम ( 17 दिसंबर ) किसी भी संस्था या कॉर्पोरेट की ईमेज वहां काम करने वाले कर्मचारियों के व्यवहार पर निर्भर है। आजादी के लम्बे अरसे के बाद आज भी सरकारी कार्यालयों में, नियमो से अनभिज्ञ भोले-भाले नागरिक परेशान होकर अपने आप को या फिर व्यवस्था को कोसने लगते हैं। लेकिन कार्यालय में यदि ऐसे नागरिकों का कोई मार्गदर्शन करे, तो उनकी राह आसान हो जाती है। इसी सोच को लेकर नगर निगम आयुक्त निशांत कुमार यादव ने मंगलवार को निगम के सिटी फैसिलिटेशन सेंटर (सीएफसी) का दौरा कर वहा की व्यवस्था का जायजा लिया और यहां आने वाली जनता की सहूलियत के लिए एक हैल्प डैस्क स्थापित करने का निर्णय लेकर उसकी व्यवस्था कर दी। अब हैल्प डैस्क पर सक्षम युवा नागरिकों का स्वागत कर, उनका काम पूछेंगे। सक्षम युवाओं को कौन का काम किस खिड़की पर और कैसे होगा, इसकी पूरी जानकारी दे दी गई है। बता दें कि हर रोज निगम कार्यालय में बड़ी संख्या में नागरिक प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने, डोमीसाईल, लेट सर्टिफिकेट की फाईल और पानी का बिल भरने जैसे कामो के लिए आते हैं। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि कई बार नागरिक जिनमें सीनियर सिटीजन और महिलाएं होती हैं, जानकारी के अभाव में कर्मचारियों के साथ ऊंचा बोल जाते हैं, जिससे बिलावजह व्यवस्था पर आंच आती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पहली बार निगम आयुक्त के हस्तक्षेप से नागरिकों को हैल्प डैस्क से सभी तरह के कार्यों की जानकारी मिल सकेगी। हैल्प डैस्क पर बैठे सक्षम युवा ऐसे लोगों का फार्म भरेंगे, जिन्हें खुद लिखना-पढऩा नहीं आता। वरिष्ठ नागरिक और बच्चे वाली महिला को प्राथमिकता पर अटैण्ड कर उन्हें बैठने के लिए कहेंगे, इसके लिए कुर्सियों की व्यवस्था भी कर दी गई है। ऐसे नागरिकों को लाईन में लगने की जरूरत नहीं है, सक्षम युवा ही लाईन में लगकर उनका काम करवाएंगे। बतौर निगमायुक्त हैल्प डैस्क पर बैठे सक्षम युवाओं को एक रजिस्टर मेन्टेन करने के लिए भी कहा गया है, जिसमें प्रतिदिन यहां आने वाले नागरिकों का विवरण दर्ज किया जाएगा, यानि किस-किस काम के लिए कितने नागरिक आए। व्यवस्था व सहूलियत को लेकर उनका क्या अनुभव रहा, इसका जिक्र भी रजिस्टर में किया जाएगा। निगम आयुक्त का कहना है कि संस्था या कॉर्पोरेट में काम करने वाले कर्मचारी वास्तव में जनता के सेवक होते हैं, उन्हें समाजसेवा की भावना से ही काम करना चाहिए, इससे उन्हें इज्जत मुफ्त मिलेगी और आत्म संतुष्टी की अनुभूति होगी। जनता को भी महसूस होना चाहिए कि वे सरकारी कार्यालय में गए थे और उनकी सुनवाई हुई है। उन्होंने बताया कि सक्षम युवा हैल्प डैस्क पर डयूटी के लिए दो शिफ्टो में बैठेंगे, जो 10-10 की होगी। पहली शिफ्ट प्रात: 9 से 1 बजे तक और दूसरी 1 बजे से सांय 5 बजे तक रहेगी। सभी सक्षम युवा एक विशेष ड्रेस में रहेंगे, जिस पर नगर निगम का लोगो लगा होगा। सक्षम युवाओं को यह भी कहा गया है कि यदि उन्हें किसी काम को लेकर कठिनाई पेश आए, तो वे मार्गदर्शन के लिए सम्बंधित नागरिक को लेकर डी.एम.सी. या आयुक्त को भी मिल सकते हैं, ताकि समस्या का निदान हो सके। निगमायुक्त ने यह भी बताया कि भविष्य में निगम की सी.एफ.सी. में आने वाले नागरिकों को टोकन देने की व्यवस्था करने पर भी विचार किया जा रहा है।

































