शोभायात्रा का आगाज भगवान श्री कृष्ण जी की पालकी को कंधे पर उठाकर पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल तथा राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने किया

भगवान की सुंदर झांकियों से भक्ति के रंग में डूबी ऊना नगरी जगह-जगह लगे भंडारे
जसवाल, ऊना ( 4 फरवरी ) राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज की अगुवाई में ऊना शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें ऊना नगरी एक समय में भगवान की सुंदर झांकियों से भक्तिमय रंग में डूबी दिखी और लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा था। कोटला कलां स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर आश्रम में मंगलवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसने पूरे शहर का चक्कर लगाकर लोगों को भक्ति के रंग में डूबने पर मजबूर कर दिया ।भव्य शोभायात्रा की अगुवाई राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने की तथा बाल योगी माधवानंद जी उनके साथ में बैठे थे। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल तथा भाजपा नेता रणधीर शर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथि इस धार्मिक समागम में उपस्थित हुए और राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज का आशीर्वाद लिया। शोभायात्रा का आगाज भगवान श्री कृष्ण जी की पालकी को कंधे पर उठाकर पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल तथा राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने किया। भव्य शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। शोभायात्रा के दौरान राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज पर फूल मालाओं की वर्षा कर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। यहां ढोल नगाड़ों के साथ भगवान श्री कृष्ण जी की पालकी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही और लोगों द्वारा उनके समक्ष आशीष झुका कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

उल्लेखनीय है कि श्री राधा कृष्ण मंदिर कोटला कलां में राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के सानिध्य में चल रहे विशाल धार्मिक समागम में सुप्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा अपने मधुर भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा परम पूज्य श्री ज्ञानानंद जी महाराज भी समागम में पधारे। इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट के विशंवर,किशोर, यशपाल, शुभाष,राजेश चौधरी, यशपाल कपिला, मनकोटिया, गुलशन, श्रीमती कैलाश, शाम सहित अन्य उपस्थित रहे ।
राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने दिया सतगुरु के मार्ग पर चलने का संदेश- श्री राधा कृष्ण मंदिर कोटला कलां में चल रहे धार्मिक समागम में मंगलवार को राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने श्रद्धालुओं को सतगुरु के मार्ग पर चलने का उपदेश दिया। उन्होंने प्रवचन करते हुए कहा कि सतगुरु के बिना यह जीवन नश्वर है और सतगुरु तक पहुंचने के लिए गुरु को धारण करना पड़ेगा तथा उसके आचरण का अनुसरण करना पड़ेगा तभी सतगुरु की प्राप्ति होगी। उन्होंने कहा कि जिस प्राणी को अपने गुरु के प्रति कोई प्यार की भावना ना हो वह कभी भी सतगुरु के चरणों में नहीं पहुंच सकता है । उन्होंने कहा कि सतगुरु के चरणों की धूल ही प्राणी के पापों को समाप्त कर देती है। उन्होंने कहा कि यदि हम सतगुरु का सिमरन करेंगे तो काम, क्रोध, मोह, लोभ रूपी अवगुणों का नाश समय श्री कृष्ण भगवान करेंगे।
































