मुख्यमंत्री ने काछवा के सामुदायिक केन्द्र से 3 करोड़ 52 लाख रूपये के विकास कार्यों का किया उद्घाटन, प्रदेश के विकास को आगे बढ़ाने के लिए नए बजट में प्रदेश के लोगों को मिल रही हैं झलकियां, हरियाणा सरकार बच्चे से लेकर हर नागरिक के अंतिम सांस तक सहयोग के लिए रहेगी प्रयासरत
करनाल, आशुतोष गौतम ( 1 मार्च ) मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश में युवाओं को रोजगार देने की चिंता की है, पिछले 5 वर्षों में भी 80 हजार युवाओं रोजगार दिया गया है और आने वाले दो वर्षो में केन्द्र व राज्य सरकार के करीब 1 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। युवाओं को चाहिए की वह सरकारी नौकरियों की ओर अपना रूझान न बनाकर अपने अंदर ऐसी स्किल पैदा करें कि वे बड़ी-बड़ी कम्पनियों में भी रोजगार प्राप्त करें। इसके लिए हरियाणा सरकार हर सम्भव शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कदम उठा रही है, ताकि छोटे बच्चे से नौजवान तक बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सके। हरियाणा सरकार बच्चे से लेकर अंतिम श्वासों तक प्रदेश के नागरिक का सहयोग करने के लिए प्रयासरत रहेगी। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2020-21 के बजट में कुछ झलकी को प्रदर्शित भी किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार को करनाल विधानसभा क्षेत्र के गांव काछवा के नवनिर्मित सामुदायिक केन्द्र से पुण्डरक, काछवा व डबरी गांव के लिए करीब 3 करोड़ 52 लाख रूपये की लागत से तैयार हुए सामुदायिक केन्द्रों के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 प्रदेश के आम आदमी का बजट है। इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा के साथ-साथ हर वर्ग का ध्यान रखा गया है, जो बजट से प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि बजट तैयार करने से पहले युवाओं, उद्योगपतियों, किसानो, व्यापारियों, खिलाडिय़ों, महिलाओं, कृषि संगठनो, विधायको व सांसदो के साथ-साथ सम्बंधित विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत करके बजट को अंतिम रूप दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में शिक्षा के लिए इस बार सबसे ज्यादा ख्याल रखा गया है। यदि प्रदेश का नौजवान शिक्षित होगा, तो प्रदेश भी विकसित होगा। बजट में स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा गया है, उनकी योजना है कि प्रदेश के व्यक्तियों को इस तरह से जागरूक किया जाए कि वह बीमार ही न हों। इसके लिए उन्होंने गत 5 वर्ष पहले 1000 व्यायाम शालाएं खोली गई थी, जहां पर ग्रामीण व्यायाम करके अपने शरीर को दुरूस्त कर सकते हैं और उन्होंने इस बार निर्णय लिया है कि आम आदमी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 1000 वैलनेस सेंटर बनाए जाएंगे, जहां पर आम आदमी को खान-पान, रहन-सहन और आर्युवैधिक दवाईयों को खाने के तरीके के बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि बीमारियों से बचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पर प्रदेश में लॉ एंड ऑडर की बात है, वहीं पर सामाजिक सुरक्षा का भी अहम योगदान है। इसके लिए भी समाज कल्याण विभाग द्वारा गरीब परिवारों को आर्थिक लाभ देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना की शुरूआत की है, इस योजना के तहत जिस व्यक्ति की आय 1 लाख 80 हजार रूपये वार्षिक से कम है, वह अपना रजिस्टे्रशन करवा सकता है और उसके खाते में वह राशि पहुंच जाएगी, परंतु इसके लिए सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि सरकार फसल बीमा योजना व सरकार की अनेक योजनाएं जिनका प्रीमियम देने पर परिवार को लाभ मिलता है। इस 6 हजार रूपये की राशि में से सरकार प्रीमियम जमा करवाएगी और शेष राशि उनके खाते में जमा होगी, इससे प्रधानमंत्री दुर्घटना बीमा योजना जैसी योजना में किसी भी प्रकार की अनहोनी से गरीब परिवार को आर्थिक सहयोग मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोडऩे के लिए अहम कदम उठाए हैं, 18 से 35 साल तक की उम्र के युवाओं को रोजगार देने की चिंता सरकार कर रही है, पंरतु युवाओं को चाहिए की वह अपने कौशल को विकसित करें, ताकि वह रोजगार के लिए होने वाली परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सके। प्रदेश में अब बिना खर्ची-बिना पर्ची के रोजगार देने की प्रथा चल रही है। युवाओं को इसके लिए तैयार रहना चाहिए, हरियाणा सरकार इसके लिए हर सम्भव सहयोग करने के लिए तैयार है। इस अवसर पर पूर्व विधायक सरदार बख्शीश सिंह, उपायुक्त निशांत कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक एस.एस. भौरिया, अतिरिक्त उपायुक्त अनीश यादव व पंचायती राज के अधीक्षण अभियंता रामफल, पंजाबी साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष सरदार गुरविंदर सिंह धमीजा, भाजपा के जिला महामंत्री योगेन्द्र राणा व राजबीर शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, तालाब एवं जल अपशिष्ट प्रबंधन के सदस्य तेेजिन्द्र सिंह तेजी, मण्डल अध्यक्ष राजेश अग्घी, भाजपा नेता शमशेर नैन, सरपंच अजय कुमार, पूर्व सरपंच बिट्टू, भगवान दास अग्घी, सतपाल सिंह पाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

विधानसभा में प्रति वर्ष विकास कार्यों के लिए 80 करोड़ रूपये देगी- मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार हर विधानसभा में प्रति वर्ष विकास कार्यों के लिए 80 करोड़ रूपये देगी। इस राशि में से गांव के लोगों को सरपंच की अध्यक्षता में योजना बनानी होगी कि कौन से काम को कैसे करना है और किसको प्राथमिकता देनी है। अब गांव का विकास पंचायत करेगी और शहरो का विकास नगर निगम व नगर पालिका के पार्षद व चेयरमैन करेंगे। शहरो और गांव की सरकार खुद चुने हुए प्रतिनिधि को ग्रामीण व शहर के आम नागरिक के सहयोग से चलानी होगी, तभी विकास को गति मिलेगी।
विभागो के कार्यों के लिए अलग से सरकार द्वारा बजट दिया जाएगा- मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, लोक निर्माण विभाग व अन्य विभागो के कार्यों के लिए अलग से सरकार द्वारा बजट दिया जाएगा। सभी लोग साल का बजट बनाए कि वर्षभर कौन सा विकास करना है, किसे प्राथमिकता देनी है, उसे संज्ञान में लांए, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यह कार्य नए बजट 1 अप्रैल 2020 से प्रारम्भ हो जाएगा।
आम आदमी को भी पंचायतो से जुड़कर अपने गांव में विकास कार्यों को गति देनी होगी- मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव के विकास के लिए हमने पंचायतो पर विश्वास किया है। प्रदेश की पंचायत अच्छे से कार्य कर रही हैं। आम आदमी को भी पंचायतो से जुड़कर अपने गांव में विकास कार्यों को गति देनी होगी। यदि कोई पंचायत गलत काम करती है, तो ग्रामीणो को आवाज उठानी होगी। गलत काम बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगा, विकास के लिए हर पैसे का सदुपयोग हो, इसकी चिंता आम नागरिक को भी होनी जरूरी है।
श्मशान घाटो को विकसित पर 750 करोड़ रूपया खर्च आया- मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले वर्षों में हमारी सरकार ने सभी श्मशान घाटो को विकसित किया गया है, इस पर 750 करोड़ रूपया खर्च आया है। उन्होंने बताया कि यदि ओर भी कोई श्मशान घाट पर कार्य होना है, तो उसके लिए भी बजट की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वह श्मशान घाट को जातिगत में न अपनाए, बल्कि गांव में एक ही श्मशान घाट बनाएं।
विकास के लिए सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं- मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ग्रामीणो से कहा कि विकास के लिए सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है, फिर भी ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के लोगों को विकास के लिए आपसी तालमेल से धन इकठ्ठा करना चाहिए, जितना धन इकठ्ठा किया जाएगा, उतना ही विकास कार्य के लिए हरियाणा सरकार मेचिंग ग्रांट के रूप में देने के लिए तैयार है। इससे विकास में भी बढ़ौतरी होगी और लोगो का भी विकास के साथ अपनापन नजर आएगा।
ग्रामीण क्षेत्र में ओर अधिक विकास हो- मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में ओर अधिक विकास हो, पंचायत के अतिरिक्त जिला परिषद को भी 25 करोडऱ् विकास के लिए देने का निर्णय लिया है कि वह भी अपने क्षेत्र में अपने स्तर पर विकास करवा सकें और इसी तर्ज पर नगर निगम को भी विकास के लिए अतिरिक्त बजट दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए हर गांव व शहर का विकास जरूरी है, इसके लिए उनका प्रयास हर सम्भव जारी रहेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने काछवा पंचायत द्वारा मांग पत्र को स्वीकार करते हुए कहा कि अब जो गांव में विकास होना है, वह पंचायत अपने-आप करेगी। इसके लिए 1 अप्रैल से सभी गांव में ग्रांट भेज दी जाएगी, पंरतु जो मांग पत्र में गांव के पशुपालन अस्पताल की बिल्डिंग की मरम्मत होनी है, उन्होंने इस बिल्डिंग की मरम्मत के लिए 30 लाख रूपये अनुदान देने की घोषणा की।
































