महीने तक पुलिस इन्क्वायरी नहीं होती,
अनुराग ठाकुर से की स्टाफ को बदलने की मांग
बीबीएन18 अक्तूबर (शांति गौतम) ऊना पासपोर्ट कार्यालय के पासपोर्ट अधिकारी से आम जनता परेशान है। आलम यह है कि वहां का मु य कार्यकारी अधिकारी जानबूझकर लोगों को परेशान करता है तथा बेवजह छोटी छोटी कमियां निकालकर फाईल को रिजेक्ट कर देता है। खासकर बददी नालागढ निवासियों की फाईल देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि वह पहले से ही फाईल को रिजेक्ट करने का मन बना कर बैठा है। और जिनकी फाईल जमा हो जाती है उसकी भी महीने तक पुलिस इन्क्वायरी नहीं होती है। जिसके कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है। भूडड, बददी निवासी डा़ करनैल सैणी का कहना है कि उनका पासपोर्ट इसलिए रिजेक्ट कर दिया गया कि वह दसवीं कक्षा का मूल प्रमाण पत्र साथ में नहीं लाये हैं। जबकि उनके पास ड्राईविंग लाईसेंस, वोटर कार्ड, आधार कार्ड सभी ओरीजिनल तथा सभी के उपर सही जन्म तिथि अंकित थी। बावजूद इन सभी के उनकी फाईल को रिजेक्ट कर दिया गया। नालागढ निवासी गुरदयाल सिंह का कहना है कि उनकी फाईल इसलिए रिजेक्ट कर दी गई कि उनके पुराने पासपोर्ट में नाम केवल गुरदयाल लिखा हुआ है जबकि उनके सभी मूल प्रमाण पत्रों में नाम गुरदयाल सिंह अंकित है। परन्तु उनकी फाईल को रिजेक्ट कर दिया गया। बददी निवासी हिमाचल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के प्रदेश अध्यक्ष आरएस राणा का रिन्यूअल पासपोर्ट इसलिए रिजेक्ट कर दिया गया कि वह दिये गये नियुक्ति समय से कुछ देरी से पहुंचे थे। जबकि उन्होंने अधिकारी से निवेदन भी किया कि वह रास्ते में रेलवे फाटक के पास ज्यादा ट्रैफिक होने के कारण पन्द्रह मिनट लेट हो गये हैं और यदि दोपहर के बाद भी उन्हें समय दिया जाता है तो वह यहीं इन्तजार कर लेंगे। परन्तु अधिकारी महोदय ने साफ मना कर दिया कि आप वापिस जाईये और दूबारा अप्वाईंटमेंन्ट लेकर समय पर आईये।
दरअसल बददी-नालागढ निवासी ऊना पासपोर्ट केन्द्र इसलिए चुनतें हैं कि उन्हें नालागढ से ऊना की दूरी कम पडती है तथा वहां पहुंचने में समय कम लगता है। जबकि जो लोग शिमला पासपोर्ट कार्यालय चुनते हैं उनका पासपोर्ट पन्द्रह से बीस दिनों में बनकर घर आ जाता है लेकिन वहां पहुंचने के लिए नालागढ से पांच से छ: घन्टे का समय लगता है और पैसा भी ज्यादा बरबाद होता है। जिसका नाजायाज फायदा उना के अधिकारी उठाते हैं तथा बेवजह उपभोक्ताओं को परेशान करते हैं। लोगों ने केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से मांग की है कि उना स्थित पासपोर्ट कार्यालय में कार्यरत अधिकारी को तुरन्त वहां से बदलने की मांग की है। तथा दिल्ली स्थित मुख्य पासपोर्ट अधिकारी से यहां की कार्यशैली में बदलाव लाने की मांग की है।






























