अक्टूबर 2018 में 22 वर्ष बाद हुए थे छात्र संघ चुनाव, अब फिर लटके : साहिल शर्मा
सरकार छात्र संघ चुनाव नही करवाना चाहती, इस बार प्रत्यक्ष प्रणाली से होने थे चुनाव : एनएसयूआई
मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री प्रदेश के छात्रों से किए गए वायदे को भूले
करनाल, आशुतोष गौतम (1 नंवबर) कांग्रेस छात्र संगठन एनएसयूआई में राष्ट्रीय संयोजक व हरियाणा सचिव दीपांशु बंसल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को प्रदेश में बहाल हुए छात्र संघ चुनाव न करवाने को लेकर सवाल खड़ा किया है। दीपांशु ने कहा कि गत वर्ष अक्टूबर 2018 में 22 वर्षो के बाद एनएसयूआई व अन्य छात्र संगठनों के अथक प्रयासों से प्रदेश में छात्र संघ चुनाव बहाल हुए थे परन्तु इस वर्ष अक्टूबर से पहले चुनाव होने तय थे परन्तु सरकार ने छात्रों के साथ विश्वासघात करके छात्र संघ चुनाव नही करवाए जोकि सरकार की छात्रों के हको के प्रति गम्भीरता को दर्शाता है। एनएसयूआई हरियाणा महासचिव साहिल शर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनाव करवाए थे जबकि इस वर्ष प्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनाव करवाए जाने थे लेकिन प्रत्यक्ष प्रणाली के चुनाव तो दूर अप्रत्यक्ष रुप से छात्र संघ चुनावो के भी आसार खत्म हो चुके है क्योंकि अब दिसम्बर में प्रदेश के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में परीक्षाएं है तथा उससे पूर्व छात्र परीक्षाओं की तैयारियों में जुट जाएंगे। दीपांशु ने बताया कि अगस्त-सितम्बर में देश के विभिन्न जगह छात्र संघ सम्पन्न हो चुके है जिनमे छात्रों ने भाजपा और एबीवीपी को पूरी तरह से नकार दिया है, निकटम पंजाब विश्वविद्यालयो के छात्र संघ चुनाव में भी छात्रों ने एबीवीपी को पूरी तरह से नकार दिया है। साहिल शर्मा ने बताया कि हरियाणा में छात्र संघ चुनाव बहाल होने से छात्रों में राजनीतिक जागरूकता व अपने हको को लेने का जज्बा कायम हुआ था जिसे अब खट्टर सरकार पुन: खत्म करना चाहती है।इतिहास गवाह है कि भाजपा ने इससे पहले भी अपने शासनकाल मे छात्र संघ चुनावो को बंद किया था और इस बार भी सरकार इसी नियत और नीति के साथ छात्र संघ चुनावो को बंद करना चाहती है जिसके विरुद्ध एनएसयूआई पूरी मजबूती से छात्रों की आवाज बुलंद करेगी।
जजपा का इनसो भी छात्रों के हको को भुला: दीपांशु बंसल ने कहा कि जहां भाजपा के साथ सत्ता में आई जजपा का छात्र संगठन, इनसो भी प्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनावो की बात किया करता था अब सत्ता में आने के बाद छात्र हितों को दरकिनार कर सत्ता के सुख भोगने में व्यस्थ है।बंसल के अनुसार एनएसयूआई ने हमेशा छात्र हितों की लड़ाई लड़ी है, प्रदेश में छात्र संघ चुनावो की बहाली करवाने से लेकर छात्र संघ चुनाव जीतने तक एनएसयूआई हमेशा छात्रों के साथ रही है अब सरकार की छात्र विरोधी नीतियों को भी पूर्ण रूप से उजागर किया जाएगा। ज्ञात रहे इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला समेत दुष्यंत चौटाला हमेशा से प्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनावो को पहली कलम से बहाल करने के वायदे किया करते थे, यही नहीं मुख्यमंत्री के पुतले फूंक कर, प्रदेश के विश्वविद्यालयो के गेट बन्द करके इस मांग को उठाया करते थे परन्तु अब जजपा का छात्रों के प्रति रंग दिखता नजर आ रहा है। छात्रों को आस थी पहली कैबिनेट बैठक में प्राथमिकता के आधार पर प्रत्यक्ष प्रणाली के छात्र संघ चुनावो पर मोहर लगती परन्तु सब दावे फेल साबित हुए।
सरकार स्थिति स्पष्ट करें : एनएसयूआई में राष्ट्रीय संयोजक दीपांशु बंसल ने मांग की है कि जजपा-भाजपा सरकार प्रदेश में छात्र संघ चुनावो को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर अपना स्टैंड क्लियर करे ताकि छात्र असमंजस से बाहर निकले। बंसल ने कहा सरकार का छात्र विरोधी चेहरा अब प्रदेश के छात्रों के सामने बेनकाब हो चुका है क्योंकि सरकार ने जानबूझ कर छात्र संघ चुनावो को टाला जिससे चुनाव न हो सके।





























