बिना देहज शादी कर समाज को दिया अनुकरणीय उदाहरण
बद्दी, 5 दिसंबर (शांति गौतम) हमारे देश में तमाम नियम और कानून होने के बाद भी दहेज प्रथा से मुक्ति नहीं मिली है। आए दिन दहेज़ के लिए लड़कियों को बुरी तरह से प्रताडि़त किया जाता है तो कई बार दहेज के लिए लड़कियों को मार दिया जाता है। हालांकि हमारे समाज में कई लोग ऐसे भी हैं, जो अनोखी मिसाल पेश करते हुए दहेज प्रथा के खिलाफ लोगों को प्रोत्साहित करते हैं। ऐसा ही एक मामला जिला बिलासपुर में देखने को मिला है। जिला बिलासपुर के स्वारघाट उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत टोबा के गाँव नीलां के एक युवक ने शानदार उदाहरण पेश करते हुए अपनी शादी में दहेज लेने से विनम्रता से इनकार कर दिया । यहाँ तक की युवक ने लडकी वालों की तरफ से एक रूपये का शगुन भी नहीं लिया 7 आस-पडोस और सोशल मीडिया पर खबर फैली तो लोग जमकर युवक की तारीफ कर रहे हैं। दूल्हे का नाम हरमेश चौधरी पुत्र रामलाल है और वह गाँव नीलां डाकघर लखनु तहसील श्री नैना देवी जिला बिलासपुर से सम्बन्ध रखता है । हरमेश चौधरी के पिता पेशे से किसान है । हरमेश चौधरी महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी बददी में सिविल लैब असिस्टेंट (प्रयोगशाला सहायक) के पद पर कार्यरत है और पिछले 18 सालो से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस) के स्वयंसेवक है । शादी के लिए तय तिथि को हरमेश चौधरी बारात लेकर गाँव मोहीवाल तहसील आनंदपुर साहिब जिला रोपड़ पंजाब पहुंचे थे । बीते रविवार को हरप्रीत कौर के साथ परिणय सूत्र में बंधे थे । इस दौरान लडक़ी के परिजनों की ओर से दहेज़ की पेशकश की गई लेकिन हरमेश चौधरी ने दहेज़ लेने से साफ़ इनकार कर दिया और कहा कि वह दहेज प्रथा के बिलकुल खिलाफ हैं । वहीं हरमेश चौधरी ने विवाह समारोह में आए युवाओं को शादी में दहेज नहीं लेने के लिए भी प्रेरित किया। हरमेश चौधरी ने कहा कि दहेज रूपी दानव को तभी समाप्त किया जा सकता है जब जागरूक युवक दहेज लेने से मना कर दे।
































