प्रजातंत्र के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए मतदान करना जरूरी
करनाल, आशुतोष गौतम (21 अक्तूबर) प्रजातंत्र के महापर्व पर भी नगर निगम ने पॉलीथिन कैरीबैग और सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ना कहें, की अपनी मुहिम को जारी रखते हुए मतदान की तीन अलग-अलग लोकेशन पर अस्थाई बैग बैंक बनाकर नागरिकों को हजारों थैले वितरित कर धरती और इसके ऊपर फैले अनंत वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने का संदेश दिया। इसे लेकर प्रेम नगर स्थित राजकीय विद्यालय, प्रताप पब्लिक स्कूल सैक्टर-6 तथा मानस पब्लिक स्कूल बसंत विहार में मतदान केन्द्र के बाहर अस्थाई बैग बैंक स्थापित कर मतदाताओं को नि:शुल्क करीब 5 हजार कपड़े के थैले वितरित कर उन्हें पॉलीथिन को ना कहें का संदेश दिया गया। निगम की मोटीवेटर टीम ने इसमें अच्छी खासी सक्रियता दिखाई। निगम के आयुक्त निशांत कुमार यादव ने इस सम्बंध में बताया कि मतदान को महादान भी कहा गया है। जिस तरह प्रजातंत्र के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए मतदान करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी मानव जीवन का स्वस्थ्य भी है, जिसका सम्बंध सीधा स्वच्छ वातावरण से है। उन्होंने कहा कि पहला सुख निरोगी काया की कहावत लम्बे समय तक तभी बनी रह सकती है, जब लोग स्वस्थ होंगे और इसके लिए जरूरी है कि मनुष्य को अपनी जीवन शैली में बहुत से परिवर्तन करने होंगे। अल्प अवधि के लिए कम्फर्ट दिखाई देने वाली आदतें छोडऩी पड़ेंगी, वरना दीर्घ तक रहने का सपना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी बुरी प्रवृत्ति का त्याग करना हो, तो उसका विकल्प भी जरूरी होना चाहिए। इसी सोच के दृष्टिïगत नगर निगम ने एक मुहिम के जरिए पहले शहर की जनता को पॉलीथिन कैरीबैग और सिंगल यूज़ प्लास्टिक का त्याग करने की अपील की और जब इसका विकल्प तलाशने की बात आई तो कपड़े के थैलों का प्रयोग ही सबसे बेहतर दिखाई दिया। इसके बाद इसकी शुरूआत की गई और आज इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ग्राहक रूपी लोग रेहड़ी-फड़ी व दुकानदारों से पॉलीथिन कैरीबैग की मांग नहीं करते, करें भी किस लिए, जब उसकी मौजूदगी ही नहीं रही। इसका एक सशक्त उदाहरण शहर की सब्जी व फल मण्डिय़ा से ग्राहको को साग-सब्जी और दूसरा सामान कपड़े के थैले या कागज के बने लिफाफो में डाले हुए देखा जा सकता है। यह परिवर्तन ही सफलता का सूचक है। अब जरूरी है कि इसे चिरस्थाई बनाया जाए। इसके लिए नगर निगम नागरिकों को साथ लेकर उन्हें समझाने के साथ-साथ कड़ाई से भी काम ले रहा है, क्योंकि लम्बे समय तक नष्टï न होने वाले पॉलीथिन से अगर मुक्ति मिलेगी तो शहर के लोगो का स्वस्थ्य भी अच्छा रहेगा। जमीन बेकार पॉलीथिन से मुक्त होकर बंजर होने से बचेगी और बारिश के दिनो में धरती पर पडऩे वाला पानी रिचार्ज हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इस मुहिम को कदम-दर-कदम आगे बढ़ाते हुए अब शहर में पांच जगहों पर छ: बैग बैंक बना दिए गए हैं। इनमें दो नई सब्जी मण्ड़ी में, एक कर्ण गेट मार्किट, एक नेहरू पैलेस मार्किट, एक पुराने बस स्टैण्ड के पास तथा एक राम नगर में स्थापित है। जनता की मांग अनुसार ऐसे बैग बैंक की संख्या बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने शहर के सभी नागरिकों से अपील की कि पॉलीथिन हटाओ-पर्यावरण बचाओ की मुहिम को केवल सरकारी प्रोग्राम ही ना समझे, यह हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य की सुखद नींव है।
































