जिला में 20 अप्रैल से गेहूँ खरीद के सभी प्रबंध मुकम्मल, डीसी ने मण्ड़ी सचिवों के साथ तैयारियों की समीक्षा कर दिए जरूरी दिशा-निर्देश
करनाल, आशुतोष गौतम ( 17 अप्रैल ) प्रदेश सरकार की घोषणा अनुसार रबी की मुख्य फसल गेहूँ की आगामी 20 अप्रैल से खरीद शुरू करने को लेकर करनाल जिला में कई दिनो से चल रही तैयारियां लगभग मुकम्मल हो गई हैं। इसे लेकर उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में सभी अनाज मंडिय़ों के सचिवों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि 19 अप्रैल तक सभी प्रबंध सुनिश्चित हो जाने चाहिएं, ताकि 20 अप्रैल से गेहूँ खरीद का कार्य सुचारू रूप से शुरू हो सके। बैठक में मार्किटिंग बोर्ड के क्षेत्रीय प्रशासक डॉ. सुशील मलिक तथा नगराधीश डॉ. पूजा भारती भी उपस्थित थे। डीसी ने कहा कि अगले 2 दिनो में सभी किसानो के पास उनके खरीद केन्द्र और आढ़ती की सूचना पहुंच जानी चाहिए। किसान समझदार है, वह चीनी मिल के शैड्यूल की तर्ज पर निश्चित दिन अपनी फसल लाकर उसका विक्रय करेगा। किसानो को सूचना देने के लिए हर खरीद केन्द्र पर सक्षम युवाओं को लगाया गया है, जो इस काम को आसान बना देंगे। सक्षम युवाओं के अतिरिक्त प्रत्येक सेंटर पर नियुक्त विलेज लेवल एंटरप्रीन्योर गेट पास काटने जैसा काम करेगी। गेहूँ की आमद का रिकॉर्ड रखने के साथ-साथ अपडेशन का काम भी करेगा। सभी जगहों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और होमगार्ड की ड्यूटी भी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि किसानो ने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर अपना पंजीकरण करवा रखा है, फिर भी रजिस्ट्रेशन को लेकर यदि कहीं कोई दिक्कत आती है, तो सम्बंधित तहसीलदार की कमेटी उसका निपटारा करेगी। उन्होंने मण्ड़ी सचिवों को कहा कि जिन किसानो के पास गेहूँ को स्टोर करने में क्षमता नहीं है, उन्हें शुरूआत की तिथियां दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला में करीब 90 हजार किसान हैं, प्रत्येक खरीद केन्द्र पर एक दिन में 50 से 60 किसानो को आसानी से बुलाया जा सकता है और इस तरह से गेहूँ खरीद सीजन मात्र 10 दिन में ही निपट जाएगा। डीसी ने मंड़ी सचिवो से कहा कि सभी आढ़तियों के पास अपने-अपने किसानो के नाम होने चाहिएं, उनकी लिस्ट ले लें। आढ़तियों को मंडी अथवा खरीद केन्द्र अलॉट कर दिए गए हैं। कोई भी आढ़ती व्यवस्था को खराब करने की कोशिश ना करें, क्योंकि सभी आदेश कोविड-19 को ध्यान में रखकर सरकार की ओर से जारी किए गए हैं। मण्ड़ी सचिव तुरंत रूप से खरीद केन्द्र, उनके साथ जोड़े गए आढ़ती और किसानो की लिस्ट उपायुक्त कार्यालय में सर्टिफिकेट के साथ दें।
सोशल डिस्टैंसिंग का रखें ख्याल- बैठक में डीसी ने मण्ड़ी सचिवों से कहा कि लॉकडाउन के चलते पहली बार जिला में गेहूँ खरीद के लिए 162 सेंटर बनाए गए हैं, ताकि किसानो व आढ़तियों की डिस्टैंसिंग बनी रहे और कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सके। यही नहीं प्रत्येक सेंटर पर आने वाले ट्रैक्टर-ट्राली को गेट पास स्थल पर ही सैनेटाईज़ किया जाएगा और खरीद केन्द्र पर भी सैनेटाईजेशन के पूरे इंतजाम रहेंगे, हर रोज प्रात: गेहूँ खरीद से पहले पूरी मण्ड़ी या खरीद केन्द्र सैनीटाईज़ होगी।
बैठक में सचिवो ने खरीद केन्द्रो की जानकारी दी- मण्ड़ी सचिवो ने डीसी को बताया कि करनाल में 22, घरौंडा में 7, असंध में 22, तरावड़ी में 21, इन्द्री में 17, नीलोखेड़ी में 2, निसिंग में 30, कुंजपुरा में 11, निगदू में 6 तथा जुण्डला में 11 खरीद केन्द्र बनाए गए हैं, सभी ऑपरेशनल हैं। खरीद केन्द्र नई अनाज मण्ड़ी के अतिरिक्त स्टेडियम, राईस मिल व खाली मैदान जैसी जगहों पर बनाए गए हैं तथा सभी जगह करीब 2-2 खरीद केन्द्र रिजर्व भी रखे गए हैं। सचिवो ने उपायुक्त को बताया कि खरीद केन्द्र और वहां गेहूँ खरीदने वाले आढ़ती तथा कौन-कौन से किसान किस दिन आएंगे, इसकी सूचियां तैयार कर ली गई हैं। एक-दो दिन में ही सभी किसानो को गेहूँ लाने की सूचना दे दी जाएगी। डीसी ने बैठक के माध्यम से जिला के किसानो से भी कहा है कि उनकी फसल की खरीद के लिए समूचित व्यवस्था कर दी गई है, किसी प्रकार की हड़बड़ी या चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सभी किसानो की गेहूँ खरीदी जाएगी। किसान व्यवस्था में प्रशासन को सहयोग दें।































