राजकुमार पठानिया बोले—लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर हिंसक आंदोलनों का महिमामंडन करना चिंताजनक
बीएचटी न्यूज, ऊना। भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजकुमार पठानिया ने नेहा बोरा के बांग्लादेश के Gen-Z आंदोलन संबंधी बयान को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी आंदोलन के नाम पर हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने वाली सोच पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
पठानिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा ‘पॉलिटिकल रेजिस्टेंस’ की बात करने और नेहा बोरा के बांग्लादेशी आंदोलन को युवाओं के लिए रास्ता दिखाने वाला बताने के बीच गंभीर वैचारिक सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाते समय राजनीतिक दलों को अपनी जिम्मेदारी का भी ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में आरोप लगाने से पहले तथ्यों और प्रमाणों को सामने रखना जरूरी है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए संस्थाओं पर उठने वाले सवालों का समाधान संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। राजकुमार पठानिया ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि नेहा बोरा के बयान और बांग्लादेशी आंदोलन के समर्थन को वह किस दृष्टि से देखती है। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से सवाल किया कि क्या वे इस तरह के आंदोलनों को भारत की राजनीतिक परिस्थितियों के लिए भी उपयुक्त मानते हैं?
उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र मजबूत संवैधानिक व्यवस्था, शांतिपूर्ण जनभागीदारी और कानून के शासन पर आधारित है। राजनीतिक मतभेदों को हिंसा या टकराव की दिशा में ले जाने के बजाय संवाद और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर ही समाधान तलाशा जाना चाहिए। राजकुमार पठानिया ने कहा कि कांग्रेस को इन मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि जनता के सामने उसका वास्तविक राजनीतिक दृष्टिकोण सामने आ सके।































