तीन साल से पुल की समस्या झेल रहे लोग, वैकल्पिक व्यवस्था न करने पर सरकार और विभाग को घेरा
डॉ रणधीर जसवाल, ऊना। रामपुर में संतोषगढ़ रोड पर क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नए पुल का निर्माण शुरू करने की प्रक्रिया के बीच वैली ब्रिज हटाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हालात यह हैं कि जनता को खड्ड के पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। ऊना के विधायक एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने इसे लेकर प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग पर निशाना साधा है।सत्ती ने कहा कि करीब तीन साल से पुल की समस्या झेल रहे लोगों को स्थायी राहत देने में सरकार नाकाम रही है। मुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री और कांग्रेस नेताओं की घोषणाओं के बावजूद जनता की परेशानी दूर नहीं हुई। अब वैली ब्रिज हटाया जा रहा है, लेकिन लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं की गई। उन्होंने कहा कि नया पुल बनाना जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर जनता को खड्ड के पानी में उतरने के लिए मजबूर करना कहां तक उचित है? सरकार चाहती तो अस्थायी पुल बनाकर लोगों की आवाजाही जारी रख सकती थी। वैकल्पिक मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भी अतिरिक्त परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।सत्ती ने आरोप लगाया कि सरकार विकास के दावों और घोषणाओं तक सीमित रह गई है, जबकि जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए भी जूझ रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में ऊना विधानसभा क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए गए, लेकिन वर्तमान सरकार में महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी लोगों की परेशानी का कारण बन रही हैं।सत्ती ने मांग की कि नए पुल का निर्माण युद्धस्तर पर पूरा करवाया जाए और तब तक लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अस्थायी पुल या अन्य ठोस व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जनता को घोषणाओं के भरोसे छोड़ना बंद कर सरकार को राहत देने के लिए जमीन पर काम करना चाहिए।






























