विधानसभा चुनाव के लिए 21 अक्तूबर को प्रात: 7 बजे से लेकर सांय 6 बजे तक होगा मतदान
करनाल, आशुतोष गौतम (18 Oct) विधानसभा आम चुनाव के लिए आगामी 21 अक्तूबर को प्रात: 7 बजे से लेकर सांय 6 बजे तक मतदान होना है। चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए जिलाधीश विनय प्रताप सिंह ने आपराधिक प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 के तहत कोई भी उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टी, पोलिंग स्टेशन से 200 मीटर की दूरी के अंदर अपना बूथ स्थापित नहीं कर सकेंगे। यदि किसी जगह एक से अधिक पोलिंग स्टेशन हैं, तो ऐसी सूरत में भी उम्मीदवार या पार्टी को बाहर अपना एक ही बूथ लगाना होगा। ऐसे बूथ में केवल एक मेज व दो कुर्सिया रखनी होंगी तथा प्रत्येक बूथ पर बैठने वाले दो व्यक्तियों के लिए एक छतरी या तिरपाल टांगी जा सकेगी, बूथ को कनात से कवर नहीं किया जा सकेगा। उम्मीदवार द्वारा ऐसे बूथ स्थापित करने के लिए लिखित में रिटर्निंग अधिकारी को अग्रिम रूप से सूचित करना होगा, जिसमें उस क्षेत्र के पोलिंग स्टेशनो के नम्बर भी देने होंगे। उसे इस प्रकार की अनुमति के लिए स्थानीय निकाय या ग्राम पंचायत इत्यादि से भी लिखित में अनुमति लेनी होगी और ऐसी अनुमति पुलिस या चुनाव अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर दिखानी होंगी। ऐसे बूथ, मतदाताओं को केवल अनाधिकारिक पहचान पर्चियां ही जारी कर सकेंगे, जो सफेद कागज पर काली स्याही से मुद्रित होंगी। लेकिन चुनाव आयोग की हिदायत अनुसार इन पर किसी भी उम्मीदवार या पार्टी का नाम व चुनाव चिन्ह अंकित नहीं किया जा सकेगा। प्रत्येक ऐसे बूथ पर उम्मीदवार या उसकी पार्टी को अपना केवल एक बैनर लगाने की अनुमति रहेगी, जिसकी लम्बाई व चौड़ाई क्रमश: 3 फुट गुणा साढे 4 फुट होनी चाहिए। यदि किसी बैनर को लेकर अवहेलना पाई गई तो उसे हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे बूथ पर ज्यादा भीड़ इकठ्ïठी नहीं की जा सकती तथा ऐसे व्यक्ति भी मौजूद नहीं होने चाहिए, जो वोट कर चुके होंगे। इस बात का पता मतदाताओं की उंगली पर लगी अमिट स्याही से भी लगाया जा सकेगा। ऐसे बूथ से मतदाताओं को किसी उम्मीदवार के पक्ष में जाने से नहीं रोक सकते और ना ही उसे किसी तरह से प्रभावित कर सकते हैं। पोलिंंग स्टेशन के निकट इस प्रकार के चुनाव अभियान को रोकने के लिए विशेषत: मतदान के दिन कानून व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए किसी भी व्यक्ति को पेालिंग स्टेशन की 100 मीटर की परिधि में अपने साथ मोबाईल फोन, कोडलेस तथा वायरलेस सेट इत्यादि रखने की मनाही रहेगी, लेकिन यह निर्देश पुलिस अधिकारियों तथा चुनाव में कानूनी व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियुक्त ड्ïयूटी मजिस्टे्रट व सुपरवाईज़री अधिकारियों पर लागू नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि इन आदेशों की पालना सख्ती से की जानी चाहिए और जो भी व्यक्ति इन आदेशो की उल्लंघना करेगा, उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सैक्टर पुलिस अधिकारी, सैक्टर मजिस्ट्रेट तथा सुपरवाईज़री अधिकारी इन निर्देशों की पालना बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होंगे।































