मक्की व धान की खेती खराब होने से किसानों को उठाना पड़ा नुकसान
बददी, 24 अक्टूबर ( kavita Gautam) हिमाचल प्रदेश भारतीय किसान संगठन ने प्रदेश सरकार से किसानों के फसली कर्ज माफ करने की मांग बुलंद की है। हिमाचल प्रदेश के दून विधानसभा चुनाव क्षेत्र के तहत भारतीय किसान संगठन साईं जोन के अध्यक्ष सूबेदार निक्का राम व प्रदेश कार्यकारिणी के मुख्य सदस्य रामलोक ठाकुर लंबरदार ने प्रदेश सरकार से मांग की है की प्रदेश में किसानों की दशा को सुधारने के लिए तथा किसानों को राहत की सांस लेने के लिए प्रदेश सरकार प्रदेश के किसानों के फसली कर्ज को माफ करे। कोरोना महामारी के दौरान सबसे ज्यादा स्थिति प्रदेश के किसानों की खराब हुई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का दौरा करते हुए किसान संगठन ने किसानों की समस्याओं को सुना और खेतों में जाकर खराब हुई मक्की व धान की फसलों को देखते हुए सोचनीय विषय है कि किसान अपना नुकसान देखकर कैसे जी रहा है। किसान संगठन ने सरकार से बार-बार मांग की है कि जिस तरह प्रदेश के किसानों की मक्की व धान की फसल खराब हुई है और उन्हें बीज दवाइयां व अन्य मेहनत के वैसे भी इस समय किसानों को मक्की और धान की फसल बेचने से नहीं मिल रहे। इस प्रकार प्रदेश के किसानों की सरकार से मांग है कि हमारे इस कोरोना महामारी के दौरान सरकार किसानों की तरफ ध्यान दें और हमारे फसली कर्जों को माफ करें क्योंकि इस कोरोना महामारी के दौरान प्रत्येक वर्ग को सरकार ने कुछ न कुछ राहत दी है परंतु इस समय प्रदेश में पैदा करने वाला गरीब किसान की दशा बहुत खराब है। समय को देखते हुए भारतीय किसान संगठन साईं जॉन के अध्यक्ष व मुख्य कार्यकारिणी के सदस्य रामलोक ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के किसानों को अपने परिवार को पालने के लिए आलू का बीज भी 40 रूपए प्रति किलो मिल रहा है। इस तरह महंगी बीज लेकर भी किसान भाइयों की दशा पर बहुत फर्क पड़ता है।































